पटना में पहली बार आए नॉर्थ अमेरिका से प्रवासी पक्षी, सात समंदर पार से आकर डाला डेरा

Ruchi Sharma, Last updated: Fri, 25th Feb 2022, 11:16 AM IST
  • पटना में एक खास प्रवासी पक्षी देखा गया जो नॉर्थ अमेरिका से नॉर्दर्न पिनटेल प्रजाति के है. यह पहली बार राजधानी जलाशय में देखा गया. वहीं पटना सिटी के पटना जल्ला (हनुमान मंदिर) में भारतीय प्रवासी पक्षी देखे गये हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर

पटना. बिहार में बड़े पैमाने पर प्रवासी पक्षीयों की गणना की पूरी कर ली गई है. यह गणना पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के सहयोग से पूरी की गई है. इस दौरान एक खास प्रवासी पक्षी देखा गया जो नॉर्थ अमेरिका से नॉर्दर्न पिनटेल प्रजाति के है. यह पहली बार राजधानी जलाशय में देखा गया. वहीं पटना सिटी के पटना जल्ला (हनुमान मंदिर) में भारतीय प्रवासी पक्षी देखे गये हैं. इसके अलावा भी कई प्रवासी पक्षियों को देखा गया है.

इसे देखकर लगता है कि प्रवासी पक्षियों को पटना पक्षी विहार की आवोहवा भा रही है. शांत वातावरण और सुरक्षा पाकर उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है. कुछ दिन पहले यहां नॉर्दर्न पिनटेल और यूरेशियन विजन नॉर्थ अमेरिका से, नॉर्दर्न शोवेलर यूरोप और नॉर्थ अमेरिका से, गैडवॉल आइसलैंड और रशिया से और गारगेनी यूरोप के प्रवासी पक्षियां देखे गए हैं.

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राजधानी जलाशय में 15 और पटना सिटी के पटना जल्ला में 13 प्रजातियां पक्षियों की गणना पटना जू के रेंज ऑफिसर आनंद कुमार, कर्नल अमित सिन्हा के नेतृत्व में की गयी. इसमें पटना साइंस कॉलेज के मो साहबाज, मो माज, एहबर आलम, शिवानी जायसवाल, जूलॉजी की पीजी हेड डॉ शाहला यास्मिन, जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डॉ गोपाल शर्मा और गौरव कुमार शामिल रहे. जानकारी के मुताबिक पटना के राजधानी जलाशय में 15 और पटना सिटी के पटना जल्ला में 13 प्रजाति की प्रवासी पक्षी आये हैं.

सर्दी शुरू होते ही आ जाते है प्रवासी पक्षी

सर्दी शुरू होते ही कई प्रजाति के प्रवासी पक्षी यहां पहुंच जाते हैं. नवंबर के शुरुआत से हर साल पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है. जो यहां सर्दियों भर डेरा डालते हैं. अप्रैल माह के बाद जाना भी शुरू कर देते हैं. ये पक्षी विभिन्न देशों से पटना के सचिवालय जलाशय में पहुंचे हुए हैं. पिछले साल के मुकाबले इस साल इन पक्षियों की संख्या में कमी आयी है. इसका मुख्य कारण वेटलैंड में आयी कमी है.

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