तेजस्वी ने छुरा घोंपा, अपनी शर्तों से बिहार चुनाव लड़ेगी VIP: मुकेश सहनी

Smart News Team, Last updated: 04/10/2020 06:21 PM IST
  • बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद और कांग्रेस के महागठबंधन से बाहर होने के बाद रविवार को वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने तेजस्वी यादव पर अंधेरे में पीठ पर छुरा घोंपने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने कहा कि वे 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. सोमवार को प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी करेंगे.
महागठबंधन छोड़कर बोले VIP चीफ सहनी- अपनी शर्तों में लड़ेंगे चुनाव, कल पहली लिस्ट

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद और कांग्रेस के महागठबंधन से बाहर होने के बाद रविवार को विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने तेजस्वी यादव पर अंधेरे में पीठ पर छुरा घोंपने का आरोप लगाया. मुकेश सहनी ने कहा कि वे भविष्य में कभी तेजस्वी के साथ राजनीति नहीं करेंगे. मुकेश सहनी ने ऐलान किया कि वे अपनी शर्तों पर चुनाव लड़ेंगे. अभी पार्टी की कुछ लोगों से बात चल रही है. फिलहाल सभी पदाधिकारियों के साथ विमर्श के बाद 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया गया है. 

जानकारी के मुताबिक वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी ने रविवार को तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राजद अब लालू प्रसाद यादव जी की पार्टी नहीं रह गई है. तेजस्वी ने हमें लोकसभा चुनाव में भी धोखा था. दरभंगा लोकसभा सीट पर वार्ता हुई थी, लेकिन एक साजिश के तहत हमें खगड़िया लोकसभा सीट से चुनाव लड़न पर मबबूर किया गया. विधानसभा उपचुनाव में भी हमारे साथ छल किया गया, हर मामले में अपनी मनमर्जी करते रहे. हमेशा हमें नजरअंदाज किया गया. जो व्यक्ति एक महागठबंधन को बरकरार नहीं रख सकता है वह बिहार कैसे संभालेगा?

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इसके साथ ही सहनी ने यह भी कहा कि हमने हमेशा महागठबंधन को मजबूत करने का काम किया. महागठबंधन के टूटने का जिम्मेदार भी उन्होंने तेजस्वी यादव को ठहराया. उनका अनुसार महागठबंधन के सभी घटक दल कोआर्डिनेशन कमिटी की मांग करते रहे, फिर भी कोआर्डिनेशन कमिटी का गठन नही किया गया. नतीजा, दलितों के नेता जीतनराम मांझी जी एवं पिछड़ा समाज का बेटा उपेन्द्र कुशवाहा जी को मजबूरन महागठबंधन से अलग होना पड़ा. राष्ट्रीय स्तर की पार्टी कांग्रेस को 70 सीट देने की बात पहले हुई थी, लेकिन उनके साथ भी 58 सीट के साथ ब्लैकमेल किया जा रहा था. लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता के दबाव पर 70 सीट दिया गया. हमारे साथ 25 सीट एवं उपमुख्यमंत्री का वादा करके अंधेरे में रखकर अंतिम समय में पीठ में छुरा घोंपने का काम किया. इसका बदला अति पिछड़ा समाज बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में लेगी.

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