पटना

मीडिया से बात करने से रोकने के लिए SIT को कैदी वैन में बैठाकर ले गई मुंबई पुलिस

Smart News Team, Last updated: 01/08/2020 12:49 PM IST
  • एसआईटी सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या केस में जांच करने के लिए क्राइम ब्रांच मुंबई के उपायुक्त कार्यालय गई. निकलते हुए उन्हें मीडिया से बात करने से रोकने के लिए मुंबई पुलिस ने उन्हें कैदी वैन में बैठाया और ले गई. 
मुंबई पुलिस ने एसआईटी को मीडिया से बात करने से रोका. इसके लिए एसआईटी को कैदी वैन में बैठाकर ले गई.

सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच के लिए एसआईटी मुंबई में है. वहीं शुक्रवार को मुंबई पुलिस, एसआईटी और मीडिया से उलझ गई. सूत्रों ने बताया कि क्राइम ब्रांच मुंबई के उपायुक्त कार्यालय से निकलते ही मीडिया ने उन्हें रोककर केस से जुड़ी कुछ जानकारी लेनी चाही. हालांकि मुंबई पुलिस एसआईटी के मीडिया से बात करने को रोकना चाहती थी. मीडिया ने एसआईटी से सवाल किया था की डीसीपी अकबर पठान के साथ मुलाकात में क्या बातें हुईं.

मुंबई पुलिस ने एसआईटी को जवाब देने से रोकने के लिए मीडिया को धका देते हुए एसआईटी को कवर कर लिया. मुंबई पुलिस के बीच में आने पर भी मीडिया पीछे नहीं हटी और अपने सवाल एसआईटी के सामने रखती रही. ऐसे में मुंबई पुलिस ने एसआईटी को कैदी वैन में बैठाया और वहां से ले गए. इसी के बाद सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि क्यों मुंबई पुलिस एसआईटी को मीडिया से बात करने से रोक रही है.

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बता दें कि एसआईटी अपनी जांच बारीकी से कर रही है. इस केस से जुड़े दस्तावेज इकट्ठे करने के साथ एसआईटी सुशांत के बैंक खातों की जांच कर रही है. सुशांत के मोबाइल फोन नंबर की भी जांच हो रही है. कहा जा रहा है कि सुशांत ने किस-किस से बात की और किन खातों में रकम भेजी सभी की जांच होगी और जरूरत पड़ने पर उन लोगों से भी पूछताछ हो सकती है.

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एसआईटी मुंबई में जांच में जुटी है और इस दौरान उन्होंने सुशांत के दोस्तों से भी बात की है. एफआईआर के मुताबिक सुशांत दिमागी बीमारी का इलाज करवा रहे थे. ऐसे में एसआईटी ने सुशांत के डॉक्टर से भी बात की है और जरूरी दस्तावेज लिए हैं.

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