विवादित बयान पर मांझी की सफाई, बोले- विरोध ब्राह्मण नहीं ब्राह्मणवाद का है

Swati Gautam, Last updated: Wed, 22nd Dec 2021, 10:54 PM IST
  • ब्राह्मणों पर विवादित टिप्पणी देने वाले बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी ने बोधगया में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में सफाई देते हुए कहा है कि मैं ब्राह्मण नहीं, ब्राह्मणवाद का विरोध करता हूं. मैंने अल्‍पज्ञानी, मांस-मदिरा का सेवन करने वाले और गरीबों को मूर्ख बनाने वाले पाखंडी पुजारियों के बारे में वो बात कहीं थी. ऐसे लोगों के लिए एक बार क्या, हजार बार उन्हीं शब्दों का इस्तेमाल करूंगा.
विवादित बयान पर मांझी की सफाई. file photo 

पटना. ब्राह्मणों पर विवादित टिप्पणी देने वाले बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) प्रमुख जीतन राम मांझी अपने नए बयान के बाद एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं. इस बार उन्होंने ब्राह्मणों पर दिए बयान का स्पष्टीकरण देते हुए बोधगया में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा है कि मैं ब्राह्मण नहीं, ब्राह्मणवाद का विरोध करता हूं. मांझी ने आगे कहा कि उन्होंने अल्‍पज्ञानी, मांस-मदिरा का सेवन करने वाले और गरीबों को मूर्ख बनाने वाले पाखंडी पुजारियों के बारे में वो बात कहीं थी. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए एक बार क्या, हजार बार उन्हीं शब्दों का इस्तेमाल करूंगा. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद मांझी ने मंगलवार को अपने ट्वि‍टर हैंडल पर माफी मांग ली थी.

बता दें कि मांझी हाल ही में ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिपण्णी को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं. उनके इस बयान तो लेकर भाजपा नेता गजेन्द्र झा ने यह तक ऐलान कर डाला कि वे मांझी की जुबान काटने वाले को वे 11 लाख रुपये देंगे. हालांकि भाजपा नेता के ​इस विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने झा को निलंबित कर दिया. वहीं, कॉन्फ्रेस के दौरान जब जीतनराम मांझी से बीजेपी नेता गजेंद्र झा के बारे में सवाल पूछा गया तो मांझी ने कहा कि ये उनका मामला नहीं है बल्कि बीजेपी इस मामले को देखे कि वह उस नेता के साथ क्या करेगी.

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विवाद की गंभीरता बढ़ते देख जीतनराम मांझी ने कल यानी मंगलवार को ट्विटर पर माफी मांगते हुए लिखा था कि ब्राह्मणों के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्द जुबान फिसलने की वजह से हो सकते हैं. मैं इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगना चाहता हूं. मैं ब्राह्मणों के खिलाफ नहीं हूं लेकिन मुझे ब्राह्मणवाद से आपत्ति है. मांझी ने कहा ब्राह्मणवाद की प्रथा हमेशा दलितों से नफरत करती है, उन्हें अछूत घोषित करती है. मैं ब्राह्मणवाद द्वारा बनाई गई इन अपमानजनक प्रथाओं के खिलाफ हूं.

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