नीतीश कुमार ने किया बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण, जरूरत के हिसाब शिविरों की संख्या बढ़ाने का दिया निर्देश

Smart News Team, Last updated: Wed, 18th Aug 2021, 7:05 PM IST
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर, खगड़िया और बेगूसराय के बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के साथ राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर राहत कार्यों, सामुदायिक रसोई का जायजा लिया.
बिहार सीएम नीतिश कुमार (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को भागलपुर, खगड़िया और बेगूसराय के बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के साथ राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर राहत कार्यों, सामुदायिक रसोई का जायजा लिया. इसके अलावा संबधित जिलाधिकारियों को उन्होंने कहा है की जरूरत के हिसाब से राहत शिविरों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो. उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों की संख्या भी सीमित रखी जाए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने खगड़िया राहत शिविर में रह रही बाढ़ पीड़ित महिलाओं के बीच साड़ी का भी वितरण किया.

मालूम हो कि बिहार के कई जिले इस समय बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं. हालांकि, गंगा के जल स्तर में हो रही वृद्धि में गिरावट दर्ज किया जा रहा है. आंकड़ों के मुताबिक इस बार बिहार के 38 जिले में से 20 जिले इस बार बाढ़ की चपेट में आ गए है. जिसके कारण 70 लाख लोग इससे प्रभावित हैं.

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नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविर में रह रहे लोगों को कोरोना जांच नियमित किया जाए. साथ हीं राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए टीकाकरण की व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री ने मेडिकल टीम को बाढ़ प्रभावितों इलाकों में नियमित भ्रमण करने का भी निर्देश दिया है. अधिकारियों को मवेशियों के लिए पशुचारा की भी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है.

नीतीश कुमार ने इस दौरान पत्रकरों से बातचीत करते हुए कहा की इस बार गंगा नदी का जलस्तर वर्ष 2016 की तुलना में कम है. राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों परिवार को छह हजार रुपये का का मुआवजा देती है. लोगों का टीकाकरण की भी व्यवस्था कराई जा रही है. राहत शिविरों में गर्भवती महिलाओं का विशेष रूप से ख्याल रखा जा रहा है. इस दौरान गर्भवती महिलाओं को बेटा होने पर दस हजार और बेटी होने पर 15 हजार की आर्थिक सहायता भी राज्य सरकार देती है.

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