बिहार में आधुनिक तरीके से होगी खेती, 13 जिलों में 328 कृषि यंत्र बैंक स्थापित करेगी नीतीश सरकार

Uttam Kumar, Last updated: Mon, 25th Oct 2021, 9:35 AM IST
बिहार सरकार 13 जिलों में 328 कृषि यंत्र बैंक के साथ पटना और मगध प्रमंडल में 25 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना करेगी. सरकार कृषि यंत्रों की खरीदारी पर 80 प्रतिशत अनुदान देगी. राज्य के 40 हजार किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण के बिहार के विभिन्न जिलों और राज्य का परिभ्रमण कराया जाएगा.
मुख्यमंत्री. फाइल फोटो

पटना.  बिहार सरकार किसानों की आय दुगनी करने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है. सरकार ने राज्य के किसानों को आधुनिक तरीके से खेती करने के लिए जरूरत पड़ने वाली कृषि यंत्र के लिए 13 जिलों में 328 कृषि यंत्र बैंक के साथ पटना और मगध प्रमंडल में 25 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना करेगी. दोनों ही योजना में सरकार कृषि यंत्रों की खरीदारी पर 80 प्रतिशत अनुदान देगी. इसके तहत कृषि यंत्र बैंक की स्थापना के लिए अधिकतम 8 लाख और विशेष कृषि यंत्र बैंक की स्थापना के लिए 12 लाख रुपये तक अनुदान देगी. 

बीते शनिवार को मुख्यमंत्री द्वारा रबी महाअभियान की शुरुआत के बाद कृषि विभाग ने किसानों के लिए बनाए गए  नई योजन की जानकारी दी. कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली योजना इसी वर्ष रबी मौसम से शुरू होगी. कृषि विभाग की तरफ से रबी सीजन में राज्य के 40 हजार किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण के बिहार के विभिन्न जिलों और राज्य का परिभ्रमण कराया जाएगा. जहां किसानों को खेती की बारीकियों को सीखने और समझने का मौका मिलेगा. 

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कृषि सचिव डॉ एन सरवन कुमार ने पहले ही सभी योजनाओं में पराली प्रबंधन के साथ मौसम अनुकूल खेती का समावेश करने का निर्देश दिया था. कृषि विभाग की तरफ से किसी भी यंत्र की खरीदारी पर 50 प्रतिशत से अधिक अनुदान नहीं देने का फैसला किया गया है. लेकिन कृषि सचिव के अनुसार विशेष परिस्थिति में पराली प्रबंधन से जुड़े यंत्रों पर अनुदान बढ़ाया जा सकेगा. 

कृषि विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यंत्र बैंकों की स्थापना नवादा, कटिहार, बेगूसराय, शेखपुरा, अररिया, खगड़िया, पूर्णिया, औरंगाबाद, बांका, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी जैसे आकांक्षी जिलों में ही होगी. कृषि यंत्र बैंक की स्थापना किसान समूहों के माध्यम से की जाएगी. किसान समूहों आस पास के किसानों को कृषि उपकरण किराये पे दे सकते हैं. इससे होने वाली कमाई किसान समूह की होगी. इस योजना से छोटे किसानों को आसानी से कृषि-यंत्र उपलब्ध होगा और समूह की आमदनी भी बढ़ेगी. 

 

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