CM नीतीश कुमार बोले- एक बार जरूर होनी चाहिए जातीय आधार पर जनगणना

Smart News Team, Last updated: Thu, 18th Feb 2021, 12:17 AM IST
  • बुधवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र में भी बिहार जैसा आरक्षण फार्मूला लागू होना चाहिए. बिहार में पिछड़ा वर्ग के अंदर भी अति पिछड़ा वर्ग को चिह्नित कर आरक्षण दिया गया है. उन्होंने ने कहा कि अगली जनगणना जातिगत आधार पर कराई जाए.
CM नीतीश कुमार बोले- एक बार जरूर होनी चाहिए जातीय आधार पर जनगणना (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: CM नीतीश कुमार ने बिहार की तर्ज पर केंद्र सरकार से भी पिछड़ों और अति पिछड़ों को केंद्र के संस्थाओं में नौकरी या शिक्षा में आरक्षण की मांग की. उन्होंने ने कहा कि अगली जनगणना जातिगत आधार पर कराई जाए. राज्य सरकार जातिगत जनगणना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी. बुधवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र में भी बिहार जैसा आरक्षण फार्मूला लागू होना चाहिए. बिहार में पिछड़ा वर्ग के अंदर भी अति पिछड़ा वर्ग को चिह्नित कर आरक्षण दिया गया है. ऐसा प्रावधान केंद्र को भी करना चाहिए. राज्‍य में कर्पूरी ठाकुर की सरकार ने सबसे पहले जो व्यवस्था की थी, वो आज भी चली आ रही है.

केंद्र के आरक्षण प्रावधान में अभी सिर्फ पिछड़ा वर्ग को ही रखा गया है, जबकि बिहार में पिछड़ा वर्ग के अंदर भी अति पिछड़ों को आरक्षण दिया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि केंद्र और बिहार में आरक्षण के पहले से लागू प्रावधानों में कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. आकलन, सर्वे या बहस चल रही है तो वो होती रहे लेकिन किसी को आरक्षण से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. 

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उन्‍होंने कहा कि अब तो आर्थिक आधार पर भी आरक्षण दिया जा रहा है. जो अनुसूचित जाति, जनजाति के नहीं हैं उन्‍हें भी आरक्षण मिल रहा है. फिर आरक्षण खत्‍म करने या इसके प्रावधान में संशोधन करने का सवाल ही कहां उठता है. उन्‍होंने जातिगत जनगणना पर कहा कि पहले यह होता था. इधर, कई सालों से यह नहीं हो रहा है. सिर्फ मैं ही नहीं पूरी विधानसभा और विधान परिषद ने जाति आधारित जनगणना कराने की मांग केंद्र सरकार से की है. 

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अब यह हो जाना चाहिए. जरूरी है कि सही जानकारी सबके सामने आए. इससे यह भी पता चलेगा कि किस जाति के लिए क्‍या करने की जरूरत है. इसके पहले बुधवार को जदयू के प्रवक्‍ता अजय आलोक ने कहा था कि किसी की भी दो पीढ़ी को लगातार आरक्षण नहीं मिलना चाहिए. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि हम तो चाहते हैं कि निजी क्षेत्रों और न्‍यायपालिका में भी आरक्षण लागू हो.

विधानसभा में कही थी जातिगत जनगणना के लिए प्रस्‍‍‍‍ताव भेजने की बात

CM नीतीश कुुमार ने इसके पहलेे बिहार विधानसभा में राज्‍यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए भी जातिगत आधार पर जनगणना के लिए प्रस्‍ताव भेजने की बात कही थी. विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में पुराने रोस्टर को बहाल करने के मुद्दे का भी उन्‍होंने समर्थन किया था. उन्‍होंने कहा था कि इन दोनों मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष एक मत है. उन्होंने कहा कि बिहार में लोक सेवा आयोग द्वारा शिक्षकों की नियुक्तियां पुराने रोस्टर और पुरानी प्रक्रिया के तहत ही की जा रही हैं.

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जातिगत आरक्षण का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि जब तक जाति आधारित जनगणना नहीं होती तब तक पिछड़े या अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों के वर्तमान आरक्षण की सीमा को बढ़ाया नहीं जा सकता है. एक बार जातिगत जनगणना हो जाए तो पूरे देश में एक नियम, एक क़ानून बनाया जाना चाहिए कि आरक्षण आबादी के अनुसार मिलेगा.

 

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