नीतीश का बड़ा डिजिटल स्ट्राइक, ऑनलाइन डिटेल नहीं देने पर 1462 ठेकेदार सस्पेंड

Smart News Team, Last updated: 08/12/2020 06:25 PM IST
  • बिहार में नीतीश सरकार ठेकेदारों के जानकारी ऑनलाइन करवा रही है. जिन ठेकेदारों ने अपनी डिटेल्स नहीं दी है सरकार ने उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया है. वह ठेकेदार अब सरकार की किसी भी योजना में काम नहीं कर पाएंगे. 
नीतीश का बड़ा डिजिटल स्ट्राइक, ऑनलाइन डिटेल नहीं देने पर 1462 ठेकेदार सस्पेंड

पटना. नीतीश सरकार ने ठेकेदारों की डिटेल्स ऑनलाइन करने के आदेश 2019 में ही दे दिए थे. जिसके बाद डेडलाइन को काफी बार आगे बढ़ाया गया. वहीं डेढ़ हजार के करीब ठेकेदारों ने अपनी जानकारी नहीं दी थी जिसके कारण  उन्हें निलंबित कर दिया गया है. 28 नवंबर 2019 को जारी आदेश में 2250 रजिस्टर्ड ठेकेदारों को सस्पेंड किया गया था. जिसके बाद 788 ने पूरी डिटेल्स वह किस समय किस विभाग के लिए काम कर रहे हैं साझा कर दिया था जिसके बाद उनके सस्पेंशन को रद्द कर दिया गया था और बचे 1462 ठेकेदारों के निलंबन आदेश को जारी रखा गया है.

ग्रामीण विकास विभाग के अभियंता प्रमुख प्रवीण कुमार ठाकुर की ओर से जारी आदेश में साफ किया गया है कि जो ठेकेदार ऑनलाइन प्रणाली में शिफ्ट कर चुके हैं, उनका ही निलंबन रद्द किया गया है. जिनका निलंबन रद्द हुआ है, उसकी सूची सार्वजनिक कर दी गई है. बाकी अभी भी निलंबित ही रहेंगे. ठेकेदारों को ऑनलाइन कराने की अंतिम तिथि 15 मार्च 2019 थी, लेकिन डेढ़ साल बाद भी पूरी तरह से ठेकेदारों ने अपने आप को ऑनलाइन प्रक्रिया में शमिल नहीं किया था.

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अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन प्रणाली का मकसद यह है कि विभाग में काम करने वाले ठेकेदारों की पूरी जानकारी ऑनलाइन रहे. मसलन, उनका रजिस्ट्रेशन कब का है और वे अभी विभाग की किन-किन योजनाओं पर काम कर रहे हैं. जिन योजनाओं का वे काम कर रहे हैं, उसकी प्रगति क्या है. अगर विभाग की ओर से कभी काली सूची में डाले गए हैं या जुर्माना लगाया गया है, तो ऑनलाइन वह भी जानकारी देनी है. विभाग की मंशा है कि ऑनलाइन प्रणाली में एजेंसियों के बीच पारदर्शिता कायम रखी जा सके, ताकि विभागीय कार्य भी सुचारू व गुणवत्तापूर्ण हो सके.

सरकारी सिस्टम में ऑनलाइन नहीं होने वाले लगभग डेढ़ हजार ठेकेदार को निलंबित कर दिया गया है. वे फिलहाल सरकारी योजनाओं में भाग नहीं ले सकेंगे. ठेकेदारों पर यह कार्रवाई ग्रामीण कार्य विभाग ने की है.

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बिहार ठेकेदार नियमावली के तहत ग्रामीण कार्य विभाग ने ठेकेदारों को पूरी जानकारी ऑनलाइन देने को कहा था. खासकर वैसे ठेकेदार जिन्होंने 12 जून 2018 के पहले अपना निबंधन कराया था, उन्हें अनिवार्य तौर पर ऑनलाइन अपनी जानकारी देनी थी. 

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ठेकेदारों को पिछले साल 15 मार्च 2019 को ही यह काम कर लेना था. लेकिन उनकी सुस्ती के बाद विभाग ने कई और मौके दिए. तिथि बढ़ाते हुए पहले 31 मई 2019 किया गया. इसके बाद 30 जून, 31 जुलाई, 31 अगस्त, 30 सितम्बर, 31 अक्टूबर और फिर अंतिम तिथि 10 नवम्बर 2019 की गई. अंतिम तिथि तक विभाग से जुड़े 2250 ठेकेदारों ने ऑनलाइन जानकारी नहीं दी थी.

 

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