पटना में फ्लैट लेने और रजिस्ट्री के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी

Anurag Gupta1, Last updated: Fri, 29th Oct 2021, 9:32 AM IST
  • पटना में बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के अपार्टमेंट या फ्लैट नहीं ले सकेंगे. आर्या बिल्डिंग कंस्ट्रशन कंपनी की दायर याचिका खारिज करते हुए ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया कि सक्षम प्राधिकार से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लिए बिना अपार्टमेंट या फ्लैट की रजिस्ट्री न की जाए.
पटना के अपार्टमेंट में खड़े लोग (फाइल फोटो)

पटना. पटना में सक्षम प्राधिकार से बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के अपार्टमेंट या फ्लैट नहीं ले सकेंगे. एक मामले पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने ये फैसला लिया है. रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सक्षम प्राधिकार से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (अधिभोग प्रमाण पत्र) लिए बिना अपार्टमेंट या फ्लैट की रजिस्ट्री न की जाए. ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में राज्य सरकार को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं. इस फैसले से उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी.

मामला आर्या बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन से जुड़ा हुआ है. असल में आर्या बिल्डिंग कंस्ट्रशन कंपनी ने एक अपील याचिका दायक की थी जिसको ट्रिब्यूनल ने खारिज करते हुए फैसला सुनाया कि सक्षम प्राधिकार से बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (अधिभोग प्रमाण पत्र) लिए बिना अपार्टमेंट या फ्लैट की रजिस्ट्री न की जाए. मामला अपीलार्थी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट के निबंधन से जुड़ा है.

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बिना अधिभोग प्रमाणपत्र नहीं होगी रजिस्ट्री:

ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी करते हुए कहा कि कोई भी बिल्डर अब किसी भी खरीददार को अपार्टमेंट का स्वामित्व बिना अधिभोग प्रमाण पत्र के नहीं सौंप सकेगा. साथ ही अपार्टमेंट के रजिस्ट्रेशन के लिए भी यह सर्टिफिकेट जरूरी होगा. इसके बिना अपार्टमेंट का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता है. इस व्यवस्था को लागू करने के लिए ट्रिब्यूनल ने राज्य सरकार से सभी निबंधन अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकार को एक अधिसूचना जारी करने को कहा है जिससे कानूनी प्रक्रिया का पालन हो सके. ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भी भेज दी है.

क्या होता अधिभोग प्रमाणपत्र:

अधिभोग प्रमाणपत्र को अधिग्रहण प्रमाणपत्र भी कहा जाता है. ये प्रमाणपत्र ग्राहकों को संपत्ति में रहने के लिए दिया जाता है. यह प्रमाणपत्र अन्य सभी दस्तावेजों के बाद महानगरीय प्रधिकरण द्वारा जारी किया जाता है. जिसमें निर्माण मानकों, अग्नि एवं लिफ्ट सुरक्षा मानदंडों, जल निकासी आदि सभी आवश्कताएं पूरी होने का प्रमाण होता है. यदि किसी मानक की पूर्ति नहीं है तो बिल्डर पर कार्रवाई की जा सकती है.

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