पशुपति ने तोड़ी चुप्पी, बोले- चिराग हमारे भतीजे, LJP को बचाने के लिए उठाया कदम

Smart News Team, Last updated: Mon, 14th Jun 2021, 5:39 PM IST
  • बिहार लोजपा से सांसद पशुपति पारस पासवान, प्रिंस राज, चंदन सिंह, वीणा देवी और महबूब अली केशर की बगावत के बाद बिहार राजनीति में तूफान आ गया है. चिराग पासवान से अलग होने के बाद चाचा पशुपति पारस ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि वह हमारे भतीजे हैं. परिवार के सदस्य हैं और यह कदम उन्होनें एलजेपी को बचाने के लिए उठाया है.
चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस ने चुुप्पी तोड़ी बोले पार्टी को बचाने के लिए उठाया कदम.

पटना. लोक जनशक्ति पार्टी में चिराग को छोड़ने के बाद चाचा पशुपति पारस ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि वह हमारे भतीजे हैं. परिवार के सदस्य है. बगावत करने के फैसले को मजबूरी बताते हुए उन्होनें कहा कि पार्टी को बचाने के लिए यह कदम उठाया है. पशुपति पारस ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया कि वह पार्टी में घुटन महसूस करने लगे थे. रामविलास पासवान के बाद से पार्टी नेतृत्व में कुछ ऐसे फैसले लिए गए थे जिनके कारण पार्टी इस कगार पर आ गई. पार्टी के लिए विलुप्त होने का खतरा पैदा हो गया था. 

पशुपति पारस ने आरोप लगाते हुए कहा कि चिराग पासवान के नेतृत्व में पार्टी में लोकतंत्र खत्म हो गया था. साथ ही उन्होनें कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवान के दिखाए रास्ते पर ही पार्टी हमेशा चलती रहेगी. पशुपति पारस ने कहा कि रामविलास पासवान के सपनों को साकार करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है. 

चिराग पासवान से अलग हुए पशुपति पारस ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान और पिछले दिनों पार्टी छोड़कर गए नेताओं से लौटने की अपील भी की है. पशुपति पारस ने कहा कि वह लोजपा को डूबने नहीं देंगे.  

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गौरतलब है कि रविवार को पशुपति पारस के साथ 6 में से 5 सांसदों ने चिराग पासवान के खिलाफ बगावत कर दी थी. चिराग पासवान को हटाकर पशुपति पारस को संसदीय दल का नया नेता चुन लिया गया था. बागी सांसदों पशुपति पारस पासवान, प्रिंस राज, चंदन सिंह, वीणा देवी और महबूब अली केशर ने चिराग को राष्ट्रीय अध्यक्ष मानने से भी मना कर दिया है.  

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