बार काउंसिल ने तैयार किया एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल, वकीलों की सुरक्षा का रखा जाएगा ख्याल

Smart News Team, Last updated: Sat, 3rd Jul 2021, 2:25 PM IST
  • वकीलों के हित और सुरक्षा के लिए पटना बार काउंसिल की सात सदस्य कमेटी ने एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल तैयार किया है. बिल में वकीलों को धमकी और अन्य वारदातों को अपराध माना जाएगा. काउंसिल ने सभी बार काउंसिल को सुझाव देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है. बता दें कि बिल को संसद में पास होने के बाद ही कानून बनाया जा सकता है.
वकीलों की सुरक्षा के लिए बार काउंसिल ने तैयार किया एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल. ( सांकेतिक फोटो )

पटना: बार काउंसिल ऑफ इंडिया की सात सदस्यीय कमेटी ने एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल तैयार किया है. इसमें वकीलों के हित और सुरक्षा के लिए कई प्रावधान का प्रस्ताव है. बिल में वकील तथा उनके परिवार के सदस्यों को किसी प्रकार की क्षति व चोट पहुंचाने की धमकी देना अपराध की श्रेणी में रखा गया है. ऐसे अपराध के लिए 6 माह से 2 वर्ष की सजा के साथ-साथ दस लाख रुपये जुर्माना लगाने का भी प्रावधान की बाते है. वकील संघ की शिकायत के निपटारे के लिए शिकायत निवारण समिति का गठन किया जाएंगा.

ड्रॉफ्ट एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल की कॉपी देश के सभी स्टेट बार काउंसिल सहित वकील संघों को भेजा जा रहा है. ताकि प्रस्तावित ड्रॉफ्ट में कोई सुझाव एक सप्ताह के भीतर सुझाव दे सकें. देशभर से मिले सुझावों को कमेटी के सामने रखा जाएगा. बीसीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का कहना है कि ड्रॉफ्ट बिल को जल्द से जल्द संसद से पास कराने का प्रयास किया जायेगा. बता दें कि संसद से पास होने के बाद ही किसी बिल को कानून बनाया जा सकता है.

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ड्राफ्ट एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल की मागें

कमेटी के द्वारा ड्राफ्ट किये गए बिल को वकीलों की सुरक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है. वकील संघ की शिकायत के निपटारे के लिए शिकायत निवारण समिति का गठन किया जाएगा. वकीलों के कार्य में कोई गलती होने पर उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएंगा. सीजेएम के आदेश के बाद ही किसी वकील को गिरफ्तार किया जा सकेगा. वकील के खिलाफ केस दर्ज होने पर सीजेएम पहले नोटिस जारी कर वकील का पक्ष जान आगे की कार्रवाई के बारे में आदेश जारी करेंगे. प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में केंद्र व राज्य सरकार जरूरतमंद वकीलों को 15 हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे.

ड्राफ्ट एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल की मागें

कमेटी के द्वारा ड्राफ्ट किये गए बिल को वकीलों की सुरक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है. वकील संघ की शिकायत के निपटारे के लिए शिकायत निवारण समिति का गठन किया जाएगा. वकीलों के कार्य में कोई गलती होने पर उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएंगा. सीजेएम के आदेश के बाद ही किसी वकील को गिरफ्तार किया जा सकेगा. वकील के खिलाफ केस दर्ज होने पर सीजेएम पहले नोटिस जारी कर वकील का पक्ष जान आगे की कार्रवाई के बारे में आदेश जारी करेंगे. प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में केंद्र व राज्य सरकार जरूरतमंद वकीलों को 15 हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे.|#+|

 

 

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