बिहार की बेटी 'तनु' बनी हौसले की मिसाल, दोनों हाथ गंवाने के बाद पैरों से लिखकर पहुंची दसवीं क्लास

Pallawi Kumari, Last updated: Tue, 7th Sep 2021, 7:37 AM IST
  • बिहार की रहने वाली तनु कुमारी ने एक हादसे में अपने दोनों हाथ गवां दिए थे. लेकिन इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी. अपने पैरों से उसने हौसले को उड़ान दिया. हाथ गंवाने के बाद तनु पैरों से लिखने लगी और अन्य बच्चों की तरह ही स्कूल में पढ़ाई करती है. फिलहाल वह दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है.
तनु ने हौसले से भरी उड़ान . फोटो साभार -एएनआई

पटना: बिहार के पटना में रहने वाली एक लड़की की हौसले की जितनी तारीफ की जाए कम है. उसने ये साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति से इंसान कुछ भी कर सकता है. वो उन लोगों के लिए मिसाल है जो कामयाबी ना मिलने पर पीछे हट जाते हैं या जिंदगी खत्म कर लेते हैं. उसने ना सिर्फ अपने हौसले को पंख दिए बल्कि ऊंची उड़ान भी भरी. उसने अपनी मेहनत से निराशा में भी आशा ढूंढ ली. इस लड़की का नाम है तनु कुमारी.

बिहार की रहने वाली 14 साल की तुन के दोनों हाथ नहीं है. 2014 में उसने एक हादसे के दौरान दोनों हाथ गंवा दिए. लेकिन इसके बावजूद वह हार नहीं मानी. विपरीत परिस्थियों में भी तनु ने अपने सपनों को पूरा करने जिद्द पकड़ी और इसके लिए वह खूब मेहनत कर रही है. तनु हाथ गंवाने के बाद पैरों से लिखने लगी. फिलहाल वह एक सरकारी स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है. हाल ही में उसे 10 वीं कक्षा में प्रमोट किया गया है.

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हादसे में हाथ गंवाने के बाद तनु ने पैरों से लिखने का प्रयास किया. इसके बाद वह धीरे धीरे पैरों से लिखने में अभ्यस्त हो गई. तनु ने बताया कि उसे पढ़ने के साथ ही स्पोर्ट्स और पेंटिंग दोनों में इंट्रेस्ट है. वह अपने सपने को साकार करने के लिए दोनों पैरों से लिखने का काम करती है. यही नहीं वह आगे चलकर टीचर बनना चाहती है.

जानाकरी के मुताबिक, तनु के पिता एक गैस एजेंसी में काम करते हैं. वो घर घर जाकर गैस सिलेंडर की डिलीवरी करते हैं. तनु का परिवार गरीब है और उन्हें सरकार से मदद की उम्मीद है. वहीं तनु की मां घरेलू महिला है. वह तनु को नहाते, खिलाने से लेकर कपड़े बदलने में उसकी मदद करती है. तनु की मां ने कहा कि तनु जब छोटी थी तो छत में खेलते हुए उसने बिजली के तारों को पकड़ लिया था, जिससे उसे अपने दोनों हाथ खोने पड़े. लेकिन आज हमें तनु पर गर्व है.

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