नहीं चलेगी निजी अस्पतालों की मनमानी, डीएम तय करेंगे कोरोना इलाज का शुल्क

Smart News Team, Last updated: 23/07/2020 02:35 PM IST
  • बिहार में महामारी कानून के तहत सभी जिलों के डीएम को अधिकार दिया गया है कि वो निजी अस्पतालों में कोरोना इलाज का शुल्क तय करें. इसके अलावा डीएम ही इन अस्पतालों में निर्धारित संख्या में बेड आरक्षित भी कर सकते हैं.
नहीं चलेगी निजी अस्पतालों की मनमानी, डीएम तय करेंगे कोरोना इलाज का शुल्क

बिहार में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. अभी तक सरकारी अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा कोरोना मरीज भर्ती किए जा रहे थे. अब राज्य सरकार ने बढ़ते केस को देखते हुए निजी अस्पतालों में इलाज के लिए नियम बनाने का अधिकार डीएम को दे दिया है. इनमें सबसे अहम निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज का शुल्क तय करना है. 

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दरअसल निजी अस्पताल, सरकारी अस्पतालों के मुकाबले महंगे होते हैं. सभी अस्पताल अपनी सुविधा अनुसार इलाज का खर्च मरीजों से लेते हैं. हालांकि महामारी के चलते कई लोग महंगा इलाज करवाने में समर्थ नहीं हैं. ऐसे में सरकार ने निजी अस्पतालों में कोरोना इलाज का शुल्क तय करने की जिम्मेदारी डीएम को सौंप दी है. डीएम को अधिकार दिया गया है कि निजी अस्पतालों में कोरोना इलाज के शुल्क की अधिकतम सीमा निर्धारित करें. 

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यह अधिकार डीएम को महामारी कानून यानी ‘द बिहार एपेडिमिक डिजीज कोविड 19 रेगुलेशन, 2020’ के तहत दिया गया . इसके अलावा ये कानून डीएम को अधिकार देता है कि निजी अस्पतालों या निजी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए निर्धारित संख्या में बेड आरक्षित किए जाएं. 

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बुधवार को सभी डीएम को अधिकार देते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत ने आदेश जारी किया. आदेश में कहा गया है कि निजी अस्पताल या निजी मेडिकल कॉलेज द्वारा कोविड 19 के मरीजों के लिए चिन्हित किये गए बेड का संचालन एवं प्रबंधन अपने स्तर से करना होगा. निर्देश जारी होने के बाद से केवल सरकारी ही नहीं बल्कि निजी अस्पतालों में भी कोरोना के मरीजों को इलाज के लिए भर्ती की सुविधा मिलेगी.

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