अब और बरतें सावधानी, बिहार में 92 फीसदी कोरोना मरीजों में नहीं दिखे कोई भी लक्षण

Smart News Team, Last updated: 21/07/2020 01:59 PM IST
  • बिहार नें 9602 कोरोना के एक्टिव मरीज हैं अभी हैं. इनमें से 92 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखे. इनकी निगरानी के लिए विशेष रूप से डॉक्टरों को हिदायत दी गई है.
बिहार में 92 फीसदी कोरोना मरीजों में नहीं दिखे लक्षण

बिहार में कोरोना अब तेजी से फैल रहा है. राज्य में रोजाना कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं. अभी भी राज्य में कोरोना के 9602 एक्टिव मरीज हैं. बताया गया है कि इनमें से 92 फीसदी मरीज बिना लक्षण वाले हैं. यानी कि 9602 एक्टिव केस में से बिहार में 8641 एक्टिव केस बिना लक्षण वाले हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इन बिना लक्षण वाले मरीजों को शारीरिक रूप से कोई विशेष परेशानी का सामना नही करना पड़ रहा है. हालांकि इन मरीजों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. 

डॉक्टरों ने बताया कि बिना लक्षण के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों में कोरोना के लक्षण 3 से 7 दिनों में उभर सकते हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 92 प्रतिशत बिना लक्षण वाले मरीजों की निगरानी के लिए डॉक्टरों को भी विशेष हिदायत दी गयी है. 

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बता दें कि बिना लक्षण वाले मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की संभावना रहती है. इसी कारण स्वास्थ्य विभाग बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दे रहा है. साथ ही इन्हें गुनगुने पानी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजों के सेवन करने के लिए कहा जा रहा है. कहा गया है कि होम आइसोलेशन में ये मरीज घर के बच्चों व बुजुर्गों से दूरी बनाकर रखें. 

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दरअसल स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि गंभीर मरीजों के साथ बिना लक्षण वाले मरीजों को रखने से इन्हें असहज महसूस होगा और बीमारी बढ़ने के खतरे के साथ इन्हें इलाज की जरूरत पड़ सकती है. 

सूत्रों के अनुसार बिहार में अब लंबी जांच प्रक्रिया को कम करके एंटीजेन रैपिड जांच ज्यादा की जाएंगी. जांच के लिए सरकारी अस्पतालों में एंटीजेन किट की उपलब्धता बढ़ाएंगे. ऐसा कम समय में संक्रमित मरीज की पहचान करके उन्हें आइसोलेट करने के लिए किया जा रहा है.

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