कोविड-19 का खतरा है बरकरार, पटना में आज मिले कोरोना वायरस के 133 नए मरीज

Smart News Team, Last updated: 11/07/2020 03:49 PM IST
  • शनिवार दोपहर तक पटना में कोरोना वायरस के 133 मरीज मिले हैं, जो शुक्रवार की तुलना में राहत की खबर है।
पटना में लॉकडाउन के दौरान सड़क 

बिहार की राजधानी पटना में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लॉकडाउऩ लागू है, मगर अभी भी कोरोना पांव पसार ही रहा है। शनिवार दोपहर तक पटना में कोरोना वायरस के 133 मरीज मिले हैं, जो शुक्रवार की तुलना में राहत की खबर है। अगर पूरे राज्य की बात करें तो पटना समेत पूरे बिहार में शनिवार को 34 जिलों में 709 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई है। 

पटना एम्स बना कोविड-19 डेडिकेटेड अस्पताल, केवल कोरोना मरीजों का होगा इलाज

आज बिहार में सबसे अधिक पटना में ही कोरोना वायरस के केस सामने आए हैं। हालांकि, शुक्रवार को अब तक का सबसे बड़ा कोरोना विस्फोट देखने को मिला था। शुक्रवार को पटना में 382 कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज मिले, जो एक दिन में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। कोरोना के 382 मरीजों में आनंदपुर फायर ट्रेनिंग सेंटर के 23, अग्निशाम कर्मी और बीएमपी के 35 जवान भी शामिल हैं।

पूरे बिहार का हाल

राज्य में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 15039 हो चुकी है, जिनमें से 10251 मरीज ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पटना में 133, भागलपुर में 75, नवादा में 69, जमुई में 39, मुजफ्फरपुर में 38, गया में 38, सारण में 27, गोपालगंज में 23, समस्तीपुर में 24, सहरसा में 20, बेगूसराय में 19 नए संक्रमित मिले हैं।

हड़कंप: पटना में अब तक का सबसे बड़ा कोरोना विस्फोट, 35 BMP जवान समेत 382 पॉजिटिव

पटना एम्स में सिर्फ कोरोना मरीजों का इलाज

कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों को देखते हुए पटना एम्स को पूरी तरह से कोविड-19 डेडिकेटेड अस्पताल बना दिया गया है। पटना एम्स में अब केवल कोरोना वायरस के मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। एम्स के कोविड-19 डेडिकेटेडअस्पताल बनने से अब यहां कोरोना संक्रमितों को छोड़कर कोई दूसरी बीमारी के मरीजों को नहीं देखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने एम्स को कोविड-19 के रूप में परिवर्तित करने का दिया आदेश।

 

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