पटना

पटना DM की चेतावनी बेअसर, कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे प्राइवेट अस्पताल

Smart News Team, Last updated: 27/07/2020 10:10 PM IST
  • पटना में डीएम के चेतावनी देने के बाद भी कई निजी अस्पताल कोरोना संक्रमितों के इलाज से कतरा रहे हैं. ये अस्पताल बहाने बनाकर मरीजों को टाल रहे हैं.
प्रतिकात्मक फोटो

पटना डीएम ने कुछ दिन पहले 5 निजी अस्पतालों को चेतावनी दी थी क्योंकि उन्होंने आदेश के बाद भी कोरोना वॉर्ड नहीं बनाया था. सभी निजी अस्पतालों को आदेश दिया गया है कि वो कोविड वॉर्ड बनाएं और कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के लिए भर्ती करें. हालांकि अभी भी कई ऐसे अस्पताल हैं जिन्होंने कोविड वॉर्ड तो तैयार कर लिया है लेकिन मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं. ये अस्पताल बहाने बनाकर मरीजों को टाल रहे हैं.

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आदेश के कारण निजी अस्पतालों ने कोविड वॉर्ड तो बना लिया है लेकिन बड़े कारपोरेट अस्पताल सीट उपलब्ध नहीं होने की बात कह कर मरीज भर्ती नहीं कर रहे हैं तो छोटे अस्पताल पीपीई किट और जांच किट नहीं होने के कारण मर्जी को टाल रहे हैं. हालांकि कुछ अस्पतालों को चेतावनी दी गई थी कि उनके खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है. बाकि अस्पतालों को भी इस चेतावनी को समझना चाहिए था हालांकि ऐसा नहीं हो रहा है.

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पटना डीएम के नोटिस के जवाब में कई अस्पतालों ने पीपीई किट और एंटीजन जांच किट उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं. अस्पतालों का कहना है कि मांग करने के बाद अभी तक सामान उपलब्ध नहीं करवाया गया है. उन्हें ना तो पीपीई किट, ना ही रैपिड एंटीजन किट और ना ही कोविड संक्रमित मृतकों को रखने के लिए कोविड बैग उपलब्ध कराया गया है.

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उन्होंने कहा कि सुरक्षा का सामान जैसे पीपीई किट ना होने के कारण अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर और नर्स भी संक्रमित मरीजों का इलाज करने में हिचकिचा रहे हैं. साथ ही मांग है कि जिस तरह संक्रमण से मौत होने पर सरकारी डॉक्टरों को 50 लाख का बीमा दिया जा रहा है, ऐसी सुविधा उन्हें भी मिलनी चाहिए.

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