खुशखबरी: पटना के गांधी सेतु का पश्चिमी लेन शुरू, सालों बाद सरपट दौडीं गाड़ियां

Smart News Team, Last updated: 31/07/2020 07:04 PM IST
  • पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के पश्चिमी लेन पर आज यानी 31 जुलाई को दोपहर बाद से वाहनों का परिचालन शुरू हो गया। नीतीश कुमार की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस लेन का लोकार्पण किया।
पटना गांधी सेतु के पश्चिमी लेन पर आज से गाड़ियां चलने लगीं।

बिहार की राजधानी पटना को उत्तर बिहार से जोड़ने वाले महात्मा गांधी सेतु के पश्चिमी लेन का आज लोकार्पण हो गया। पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के पश्चिमी लेन पर आज यानी 31 जुलाई को दोपहर बाद से वाहनों का परिचालन शुरू हो गया। बता दें कि गांधी सेतु के इस दोनों लेन के शुरू होने से उत्तर बिहार के करोड़ों लोगों को फायदा हो गया। एक तरह से गांधी सेतु को उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार की लाइफ लाइन कहा जाता है।

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महात्मा गांधी सेतु के पश्चिमी लेन के सुपर स्ट्रक्चर का लोकापर्ण हुआ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा हुआ। इस मौके पर नितिन गडकरी ने कहा कि पटना में गंगा नदी पर नए फोरलेन पुल के निर्माण का कार्य इसी साल अक्टूबर में शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विक्रमशिला पुल के समानांतर नए पुल और भोजपुर बक्सर गंगा पर पुल का निर्माण भी दो महीने में शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी सेतु के पूर्वी लेन के सुपर स्ट्रक्चर का काम भी 18 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि मोकामा मुंगेर एनएच 80, मुजफ्फरपुर बरौनी एनएच 28 मुजफ्फरपुर सोनवर्षा एनएच 77 को फोरलेन बनाया जाए।

दरअसल, गांधी सेतु के पुनर्उद्धार का काम अब से तीन साल पहले 2017 में शुरू हुआ था। तब जाकर पश्चिमी लेन के जीर्णोद्धार का काम पूरा हुआ है। अब जब पश्चिमी लेन पर परिचालन शुरू हो गया तो पूर्वी लेन के जीर्णोद्धार काम शुरू होगा। पश्चिमी लेने के जीर्णोद्धार कार्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि पुराने पुल का मलबा गंगा में न गिरे। पुराने पुल के सुपर स्ट्रक्चर के सारे मलवे को क्रश कर वैकल्पिक उपयोग किया गया। चारों लेन के पुनरुद्धार की प्राक्कलित राशि 1742.01 करोड़ है और इस पुल की डिजाइन लाइफ एक सौ वर्ष है।

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गंगा पर स्थिति गांधी सेतु की नई सिरे से मरम्मत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच साल 2014 में सहमति बनी थी। शुरुआत पश्चिमी लेन से की गई। बता दें कि पश्चिमी हिस्से में दो लेन है और पूर्वी हिस्से में दो लेन है। कुल मिलाकर गांधी सेतु के चारों लेन के पुनरुद्धार में कुल 66 हजार 360 मीट्रिक टन स्टील का उपयोग किया जाना है। पूर्वी छोड़ के दो लेन के जीर्णोद्धार लिए आवश्यक स्टील में से आधी मात्रा की खरीद की जा चुकी है।

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