पटना: DNA जांच से बड़ा खुलासा! शीशा कारोबारी हत्याकांड के दो संदिग्ध बेकसूर

Somya Sri, Last updated: Mon, 6th Dec 2021, 10:11 AM IST
  • शीशा कारोबारी राजू जायसवाल हत्याकांड में पुलिस जिन दो संदिग्धों से पूछताछ चल रही थी वे अब डीएनए जांच में बेकसूर सामने आ रहे हैं. दोनों संदिग्ध के कपड़े पर खून के छींटे मिले थे. जिससे वे शक के दायरे में आए थे. जिसके बाद पुलिस ने कपड़े से खून का सैम्पल लिया और डीएनए टेस्ट कराया. लेकिन घटनास्थल से मिले खून के सैंपल और दोनों संदिग्ध के कपड़ों से लिए गए खून के नमूने मैच नहीं किये. जिसके बाद से दोनों को राहत मिलती दिख रही है.
शीशा कारोबारी राजू जायसवाल हत्याकांड में DNA जांच पर दोनों संदिग्ध बेकसूर (फाइल फोटो)

पटना: शीशा कारोबारी राजू जायसवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. लेकिन पुलिस अब तक इस मर्डर केस की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है. वहीं अब खबर है कि राजू जायसवाल हत्याकांड में जिन दो संदिग्धों से पूछताछ चल रही थी वे अब डीएनए जांच में बेकसूर सामने आ रहे हैं. हाल ही में पुलिस ने शीशा कारोबारी राजू जायसवाल हत्याकांड में दो संदिग्ध से पूछताछ की थी. उनके कपड़े पर खून के छींटे मिले थे. जिससे वे शक के दायरे में आए थे. जिसके बाद पुलिस ने कपड़े से खून का सैम्पल लिया और डीएनए टेस्ट कराया. लेकिन घटनास्थल से मिले खून के सैंपल और दोनों संदिग्ध के कपड़ों से लिए गए खून के नमूने मैच नहीं किये. ये बात डीएनए जांच में सामने आई. जिसके बाद से दोनों को राहत मिलती दिख रही है.

बता दें कि राजू जायसवाल की हत्या के बाद जब यह मामला पुलिस के पास पहुंचा तो उन्होंने इस केस को सुलझाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री सेल की मदद ली. घटना स्थल से चाकू और दूसरे सामान से खून का नमूना इकट्ठा किया गया. सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई. वहीं संदिग्ध के तौर पर मंगल चौधरी और अभिषेक कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया गया. दोनों के कपड़ों पर खून के छींटे मिले थे. हालांकि अब डीएनए जांच के बाद दोनों को राहत मिलती दिख रही है.

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मामला क्या है?

बता दें कि सितंबर के आखिर में 50 वर्षीय राजू जायसवाल की कारखाने स्थित कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बदमाशों ने हत्या करने के बाद व्यापारी के मोबाइल से पत्नी को फोन किया था. जिसमें उन्होंने कारोबारी को अगवा करने की बात कही थी और 3 लाख रूपये रंगदारी मांगी थी. वहीं इधर व्यापारी की हत्या से राजधानी में लोगों में खौफ पैदा हो गया था. इस हत्या के बाद अन्य व्यापारियों में भी दहशत बनी गयी थी. साथ ही हत्या के विरोध में परिजनों ने कैंडल मार्च भी निकाला था. वहीं पीड़ित परिवार ने इन्साफ की गुहार लगाई थी. हालांकि पुलिस अब तक इस हत्याकांड की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है.

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