सेनारी नरसंहार पर 22 साल बाद पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 15 आरोपी बरी

Smart News Team, Last updated: Sat, 22nd May 2021, 12:52 PM IST
  • पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सेनारी नरसंहार कांड में 15 आरोपियों को बरी कर दिया है. साथ ही इन आरोपियों को जल्द से जल्द रिहार करने का भी आदेश दिया है. यह नरसंहार 18 मार्च 1999 को हुई थी। जिसमें 34 लोगों की हत्या कर दी गई थी.
पटना हाईकोर्ट ने सेनारी नरसंहार कांड के 15 आरोपी को बरी किया

पटना. बिहार में हुए चर्चित सेनारी नरसंहार कांड में पटना हाईकोर्ट ने 22 साल बाद एक बड़ा फैसला सुनाया है. जिसमें 15 आरोपियों को रिहा कर दिया गया है. वहीं उन्हें पटना उच्च न्यायालय ने सबूतों के अभाव में बरी किया है, लेकिन इससे पहले निचली अदालत ने सभी को 2016 में दोषी ठहराते हुए सजा सुना चुकी है. जिसे खारिज करते हुए ही हाईकोर्ट ने इन सभी 15 दोषियों को बरी कर दिया है. साथ ही सभी को जल्द रिहा करने के आदेश भी दिए है. 

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद श्रीवास्तव ने की हैं. उन्होंने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकारी पक्ष इस मामले में आरोपियों पर लगे आरोप को साबित करने में असफल रही है. नरसंहार में इन दोषियों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले है. जिसके कारण इन्हें बरी किया जा रहा है. वही जानकारी के अनुसार निचली अदालत ने नवंबर 2016 में सेनारी नरसंहार में 11 दोषियों को फांसी तो अन्य को आजीवन कारावास की सजा दी थी. जिसके बाद इन आरोपियों ने पटना हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी.

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आपको बता दे कि बिहार के जहानाबाद के सेनारी गांव में 18 मार्च 1999 की रात को एक विशेष जाती के लोगों को घर घर से निकाल गया. उसके बाद उन्हें गांव के एक मंदिर में ले जाया गया. जहां पर उनके हाथ पांव बांध दिए गए. जिसके बाद उन सभी 34 लोगों के गले को रेत कर हत्या कर दिया गया था. वहीं इस कांड में प्रतिबंधित नक्सली संगठन माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर को शामिल माना गया था.

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