फर्जी कागजात पर जमानत केस में CBI कोर्ट ने 2 वकील समेत 4 को सुनाई 3 साल की सजा

Smart News Team, Last updated: Thu, 19th Aug 2021, 9:27 AM IST
  • मर्डर के आरोप में जेल में कैद व्यक्ति को फर्जी कागजात के बलबूते पर जमानत दिलाने के मामले में बुधवार को सीबीआई कोर्ट ने दो वकीलों के साथ चार अन्य को 3 साल जेल कैद की सजा सुनाई है.
फर्जीवाड़ा मामले में चार आरोपियों को तीन वर्ष की कैद और एक पर मुकदमा

पटना. हत्या के आरोप में सजा काट रहे आरोपी को जमानत दिलाने के लिए पटना हाईकोर्ट में फर्जी कागजों का इस्तेमाल किया गया था. इस मामले को लेकर सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को चार लोगों को तीन साल जेल कैद की सजा सुनाई है. सीबीआई कोर्ट ने वकील मनोज कुमार उर्फ मनोज महतो, हाईकोर्ट के वकील सह ओथ कमिशनर कुमारी चंदना एजेंट (दलाल) नकुल महतो और जमानत का लाभ लने वाले रामनिवास चौधरी को तीन साल की सजा सुनाई है. 

अन्य आरोपी सुरेन्द्र कुमार उर्फ सुरेन्द्र प्रसाद को सीबीआई कोर्ट में उपस्थित न होने पर गिरफ्तार करने का गैर जमानतीय वारंट जारी कर पांचवें आरोपी के रूप में अलग से मुकदमा दायर किया गया है. गौरतलब हो कि हत्या के मुख्य आरोपी रामनिवास चौधरी को न्यायिक हिरासत के तहत बेगूसराय जेल में बंद किया गया था. पटना हाईकोर्ट से इन्हीं की जमानत कराने के लिए साल 2001 में चार अन्य आरोपियों ने फर्जी कागजात का इस्तेमाल किया था.

इस मामले के फर्जीवाड़ा होने की जानकारी सामने आने के बाद पटना हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज कर रिसर्च करना शुरू किया और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था. 

नीतीश कुमार ने किया बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण, जरूरत के हिसाब शिविरों की संख्या बढ़ाने का दिया निर्देश

एक और अन्य आरोपी पर भी चार्जशीट दायर

सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को भोजपुर पीरो के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अभय कुमार के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार्जशीट दायर किया है. गौरतलब हो कि सीबीआई ने आरोपी अभय कुमार को 80 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें