पटना हाईकोर्ट ने लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति पर लगाई रोक, 12 सितंबर को सुनवाई

Smart News Team, Last updated: 20/08/2020 05:03 PM IST
  • पटना में मई 2020 में हुई लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. परीक्षा के लिए प्रतिभागियों से डीएमएलटी की योग्यता मांगी गई थी. इस योग्यता के होने के बावजूद कुछ लोगों को एसएससी ने अपनी मेरिट लिस्ट में जगह नहीं दी है.
84 याचिकाकर्ताओं की रिट दायर करने के मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट में लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर रोक लगा दी.

बिहार में पटना हाई कोर्ट के द्वारा बुधवार को एक अहम फैसला लिया गया. इस फैसले के तहत हाईकोर्ट ने मई 2020 में हुई लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने इस मामले में बिहार कर्मचारी चयन आयोग को इसके लिए हलफनामा दाखिल करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट के इस फैसले से नवनियुक्त लैब टेक्नीशियन प्रभावित होंगे. इस मामले की अगली सुनवाई आने वाली 12 सितंबर को होगी.

न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की एकल पीठ ने कुमार प्रवीण और अन्य लोगों के द्वारा दायर रिट याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की. 

याचिकाकर्ताओं के वकील विश्वजीत मिश्रा ने अदालत को बताया कि 84 याचिकाकर्ताओं के मामले में अदालत ने 30 जून 2016 को एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि उच्च डिग्री किसी भी प्रतिभागी के मामले में बाधक नहीं बनेगी. लेकिन उच्च डिग्री के होने के बावजूद भी इन याचिकाकर्ताओं के मामले में विचार नहीं किया गया.

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लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति के लिए 21 जून 2015 को विज्ञापन संख्या 05010115 प्रकाशित किया गया था. विज्ञापन के मुताबिक इस पद की नियुक्ति के लिए प्रतिभागियों के लिए डीएमएलटी की योग्यता रखी गई थी.  

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इसके बाद 29 मई 2020 को स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से एक मेरिट लिस्ट प्रकाशित की गई, जिसमें इन याचिकाकर्ताओं को नहीं रखा गया. इसके बाद इन लोगों की तरफ़ से रिट लगाई गई.

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