पटना

HC का नीतीश सरकार से सवाल- दूसरे जिलों से पटना क्यों भेजे जा रहे कोरोना मरीज

Smart News Team, Last updated: 24/07/2020 04:33 PM IST
  • पटना हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार सरकार से जलाब-तलब किया है. अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर दूसरे जिला अस्पताल से कोरोना मरीज पटना के अस्पतालों में क्यों भेजे जा रहे हैं.
फोटो पटना हाईकोर्ट

पटना. कोरोना संक्रमण के बीच बिहार की स्वास्थ्य सेवा और अस्पतालों की लचर व्यवस्था व बीमारी से जूझ रहे लोगों को लेकर पटना हाईकोर्ट ने राज्य की नीतीश कुमार सरकार को तलब किया. हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना संकट से ऊभरने, मरीजों के जांच व ईलाज की व्यवस्था का पूरा ब्यौरा दे. 

कोर्ट ने कहा कि सरकार बताए दूसरे जिले के कोरोना मरीज पटना क्यों भेजे जा रहे हैं. इसके साथ ही राज्य के जिलास्तरीय कोविड-19 सुरक्षित अस्पतालों की जानकारी, वहां पर तैनात डॉक्टर, नर्स व मेडिकल स्टाफों की विस्तृत जानकारी दी जाए.

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कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अस्पतालों में जांच और ईलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं है. राजधानी पटना में एम्स, पीएमसीएच, एनएमसीएच जैसे बड़े अस्पतालों में इंतजाम ठीक नहीं हैं जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

वहीं कोर्ट ने राज्य की नीतीश कुमार की जेडीयू-बीजेपी सरकार को अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटिलेटर व अन्य कोरोना ईलाज की सुविधा का ब्यौरा देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि आईसीएमआर द्वारा जो रैपिड एंटीजन किट दिए गए हैं, उनका भी पूरा उपयोग नहीं किया जा रहा. कोरोना मरीजों की जांच और ईलाज की पूरी व्यवस्था नहीं हो सकी है. कोर्ट इस मामलें पर 7 अगस्त को फिर सुनवाई होगी.

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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने लोकहित याचिका पर सुनवाई की. याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश में कोरोना से निपटने में सरकार फेल है. इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है. अस्पतालों में कोविड मरीजो के लिए समुचित बेड उपलब्ध नहीं है. हालात ये है कि मृत शरीर को दाह संस्कार किये बिना गंगा में प्रवाहित किया जा रहा है.

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