कोरोना काल मे पटना हाइकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई से मामले निपटाने का बनाया रिकॉर्ड

Smart News Team, Last updated: 27/08/2020 11:16 AM IST
  • भाजपा विधि प्रकोष्ठ की बैठक में सुशील मोदी ने जानकारी दी कि पटना कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई से मामले निपटाने में रिकॉर्ड बनाया है. हाईकोर्ट के नए भवन निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.
पटना हाईकोर्ट 

पटना: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि कोरोना संक्रमण काल में पटना हाईकोर्ट ने वर्चुअल तरीके से सुनवाई कर 26 हजार से ज्यादा मामलों का पर निपटारा करके पूरे देश में एक रिकार्ड बनाया है.साथ ही उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि बहुत जल्द पहले की तरह हाईकोर्ट का काम फिर शुरु हो जाएगा.गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण हाईकोर्ट की कार्रवाई वर्चुअल तरीके से चल रही थी. 

जानकारी के मुताबिक भाजपा विधि प्रकोष्ठ की बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पोस्को एक्ट (लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम-2012) से संबंधित केसों के निपटारा करने के लिए 23 जिलों में जहां 300 से कम मामले लम्बित हैं, वहां एक-एक और 11 जिले जहां 300 से अधिक मामले हैं, वहां दो-दो यानी कुल 45 कोर्ट का गठन किया गया है. उपमुख्यमंत्री ने अन्य कोर्ट के बारे में बताते हुए कहा कि इसी प्रकार शराबबंदी से जुड़े मामले के निष्पादन के लिए पहले से हर जिले में गठित एक-एक कोर्ट के अलावा 74 और न्यायालय तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत सभी जिलों में 1-1 विशेष कोर्ट का गठन किया गया है. 

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार की मदद से 167 करोड़ की लागत से पटना उच्च न्यायालय के भवन  का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इसके साथ ही 66 डिसमिल जमीन पर 11 करोड़ की लागत से अधिवक्ताओं के लिए एक चार मंजिला भवन का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिसमें करीब डेढ़ हजार अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था होगी. उपमुख्यमंत्री ने शुल्कों के बढ़ाए जाने की भी जानकारी दी अब अधिवक्ता कल्याण कोष के लिए हर एफिडेविट और आवेदन पर लगने वाले शुल्क को 15 से बढ़ा कर 25 रुपये कर दिया गया है, जिससे उन्हें दुर्घटना, मृत्यु आदि विशेष स्थिति में मदद की जाती है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इससे ई-स्टाम्प के प्रयोग से फर्जीवाड़ा पर कारगर रोक लगी है.

 

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