कोरोना काल में बर्बाद हो गया पटना का होटल बिजनेस, बंद होने की कगार पर पहुंंचे

Smart News Team, Last updated: 06/08/2020 04:47 PM IST
  • कोरोना के कारण पांच महीने से चल रहे लॉकडाउन में पटना का होटल बिजनेस ठप हो गया है. यहां तक की कुछ होटल तो बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं. ऐसे समय में पटना के होटलों की हालत खराब होती जा रही है.
कोरोना काल में बर्बाद हो गया पटना का होटल बिजनेस, बंद होने की कगार पर पहुंंचे

कोरोनावायरस संक्रमण तेजी से फैलने के कारण बिहार में लॉकडाउन जारी है. ये लॉकडाउन 16 अगस्त तक जारी रहेगा. पिछले पांच महीनों से चल रहे इस लॉकडाउन के कारण कई लोगों के काम बंद हो गए हैं और कई की नौकरी चली गई है. ऐसे ही पटना का होटल उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित है. राजधानी में मौजूद लगभग तीन सौ होटलों को तत्काल मदद मिलना जरूरी है. ऐसा नहीं होने पर आधे से ज्यादा होटलों के बंद होने का खतरा है.

स्टेशन रोड, गोरिया टोली, होटल गली, राजाबाजार सहित शहर के कई इलाकों में होटलों बंद पड़े हैं और ये पूरी तरह बंद होने की कगार पर हैं. इन होटलों के मालिक बैंक को लोन की ईएमआई भी नहीं चुका पा रहे हैं. दरअसल, लॉकडाउन के कारण होटलों में रूम की बुकिंग नहीं हो रही है. जिन होटलों को खोला भी जा रहा है उनसे लोग कोरोना संक्रमण फैलने के डर से उनमें कमरा बुक नहीं करवा रहे हैं. 

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वहीं होटलों में कमाई ना होने के कारण स्टाफ में भी कटौती करनी पड़ रही है. ऐसा होटलों में संचालन लागत कम करने के लिए किया जा रहा है. जानकारों के अनुसार सात से आठ हजार मजदूरों को होटल संचालकों ने स्थिति सामान्य होने तक अपने गांव-घर पर ही रहने को कहा है. ऐसे में बेरोजगारी की तलवार भी होटल कर्मियों के सर पर लटकी हुई है.

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होटल मालिकों और संचालकों ने सरकार से इस एवज में मदद की मांग की है. बिहार सरकार से होटल मालिकों ने मांग की है कि उनका व्यवसाय बचाने के लिए सरकार उनके बिजली बिल माफ करे, उन्हें कम ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराए, राज्य में रेल और बस सेवा का परिचालन सामान्य करे, होटल उद्यमियों को राहत पैकेज मिले और होटल में इंटरेस्ट सब्सिडी देना चाहिए.

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