पटना: IMA डॉक्टरों ने निकाला आक्रोश मार्च, 11 को करेंगे ऑल इंडिया स्ट्राइक

Smart News Team, Last updated: 09/12/2020 03:41 PM IST
  • आईएमए भवन से गांधी मैदान के कारगिल चौक तक डॉक्टरों ने किया पैदल मार्च, 11 दिसंबर को आईएमए ने सुबह 6 से शाम 6 तक बुलाई है देशव्यापी हड़ताल, इस दौरान सिर्फ कोरोना और इमरजेंसी मरिजों का ही इलाज होगा,
पटना: IMA डॉक्टरों ने निकाला आक्रोश मार्च, 11 को करेंगे ऑल इंडिया स्ट्राइक

पटना: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टरों ने आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार दिए जाने को लेकर विरोध जताने के लिए आक्रोश मार्च निकाला, और 11 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की. मंगलवार को (IMA) ने राष्ट्रीय के निर्वाचित अध्यक्ष डॉक्टर सहजानंद प्रसाद सिंह के नेतृत्व में आईएमए भवन गांधी मैदान से कारगिल चौक तक पैदल मार्च किया. वहीं केंद्रीय (आईएमए) के दिशा निर्देश के अनुसार सदस्यों ने 20 की संख्या में समूह बनाकर अपने अपने जिला के शाखाओं में 12:00 बजे से 2:00 बजे तक एप्रोन पहनकर व आला लगाकर केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इसमें सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर भी शामिल हुए.

आक्रोश मार्च के दौरान डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार अगर अप्रशिक्षित आयुर्वेद डॉक्टर सर्जरी का अधिकार दिए जाने को लेकर जारी अधिसूचना वापस नहीं लेती है. तब केंद्र संगठन के निर्देश पर 11 दिसंबर एलोपैथ के सभी डॉक्टर देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे. हड़ताल सुबह 6:00 से शाम 6:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा बताया. कि कोविड-19 सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा. जनता को होने वाली परेशानियों को लेकर सरकार जिम्मेदार होगी मार्च में डॉक्टर डीके चौधरी, डॉक्टर कैप्टन वीएस सिंह, बसंत सिंह, डॉक्टर अमरकांत झा अमर, डॉक्टर सच्चिदानंद कुमार, डॉ अजय कुमार, डॉ बृजेंद्र कुमार, डॉ सुनील कुमार, डॉ नीलम, डॉ शिवेंद्र कुमार सिन्हा, डॉ दिनेश व अन्य प्रमुख डाक्टर शामिल थे.

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क्यों हो रहा विरोध.

आईएमए के डॉक्टर्स का कहना है कि आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी करने की अनुमति देने से गंभीर मरीजों की जान का खतरा हो सकता है आयुर्वेद डॉक्टरों द्वारा आयुर्वेद व एलोपैथी चिकित्सा पद्धति के मिश्रण से मरीजों पर दुष्प्रभाव पड़ेगा, जिससे उनकी जान भी जा सकती है.

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