पटना: पूर्व मंत्री विणा शाही के मैनेजर व चालक ने रची साजिश, 41लाख लूटे

Sumit Rajak, Last updated: Sun, 28th Nov 2021, 10:21 AM IST
  • पूर्व मंत्री विणा शाही के पेट्रोल पंप के 41.41 लाख रुपये की लूट की साजिश उनके वर्क मैनेजर संजीव और चालक चंदन कुमार ने रची थी, इस घटना का खुलासा करते हुए पटना पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. SSP उपेंद्र शर्मा ने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं. जिनमें लूट कांड में करीबी ही मास्टरमाइंड निकले हैं. कर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखें. उनका पहचान पत्र और घर का पता जरूर जाने.
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पटना. पूर्व मंत्री विणा शाही के पेट्रोल पंप के 41.41 लाख रुपये की लूट की साजिश उनके वर्क मैनेजर संजीव और चालक चंदन कुमार ने रची थी. बीते 15 नवंबर को अटल पथ पर हुई इस घटना का खुलासा करते हुए पटना पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. लूट की गई रकम में से 18 लाख 60 हजार रुपए, एक मोबाइल, एक कट्टा 5 गोलियां घटना में इस्तेमाल किए गए कपड़े और बाइक भी बरामद कर ली गई है.

पुलिस ने वर्क मैनेजर संजीव कुमार को मुजफ्फरपुर से, चालक चंदन कुमार को वैशाली से, सुजीत कुमार को दीघा के गेट नंबर 65 से, रवि कुमार को पाटलिपुत्र के सदाकत आश्रम से, तन्नु पाल उर्फ बंसी को मनेर से और दिलीप कुमार को राधा कृष्ण नगर से गिरफ्तार किया है, एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि संजीव चंदन और मैनेजर अनुनय एक ही फ्लैट में रहते थे. चंदन और संजीव उसी के कमरे में रूममेट थे. 

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संजीव ने ही चंदन को लूट करने की योजना बतायी. इसके बाद उसने जीरो माइल पर अपने दोस्त और एक अपराधी से मुलाकात की. उसने दोनों को दिलीप और सुजीत से मिलवाया. घटना के दिन संजीव और चंदन तय साजिश के तहत कार में थे. तन्नु पूर्व मंत्री आवास से ही कार्य की रेकी कर रहा था. जबकि दिलीप, रवि, सुजीत व अन्य अपराधी ने अटल पथ स्थित उदय चौक पर लूट की और भाग निकले. पकड़े गए सुजीत राय पर बिहार के बाहर तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में भी लूट के मामले दर्ज है. इस मामले में एक और अपराधी फरार है. पुलिस के मुताबिक बाकी रुपया उसी के पास है.

संजीव ने किया SMS- हम लोग कार पर बैठ गए हैं

वारदात के दिन यानी 15 नवंबर को पूर्व मंत्री के घर से निकलने के पहले ही संजीव ने अपने साथी और लुटेरों को एसएमएस कर दिया. उसने लिखा हम लोग कार पर बैठ चुके हैं. हमारे पास 41 लाख रूपया हैं…  . इसके बाद तन्नु कार की रेकी करने लगा. एक बाइक पर सवार सुजीत और रवि पहले से ही अटल पथ पर थे. जबकि, बाइक सवार बाकी के 2 अपराधी कार का पीछा करने लगे. जैसे ही गाड़ी अटल पथ पर पहुंची, अपराधियों की बाइक उसे छूते ही आगे  बढ़ी. फिर ओवरटेक कर लूटपाट की गई.

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जानबूझकर गाड़ी को अंदर से बंद किया

जिस गाड़ी में संजीव, चंदन और अनुनय सवार थे. वह चलते वक्त ऑटोमेटिक लॉक हो जाती है. फिर वह बाहर से नहीं खुलती. लिहाजा संजीव ने पहले से अपराधियों को बता दिया था कि वह कार को खुद से ही अंदर से लॉक कर लेगा. ताकि वह बाहर से खुल जाये. लुटेरों को कार की चाबी भी ले जाने को कहा गया था. लिहाजा लूट के वक्त अपराधियों ने बाहर से ही कार खोल ली और चाबी भी ले गये.

लूट के पैसे का हुआ बंटवारा

अपराधियों ने लूट के पैसे से 5 हजार रुपये रेकी करने वाले तन्नु को दिए. जबकि सुजीत, रवि, दिलीप और एक अन्य में सभी को साढ़े छह लाख रुपए दिए गए. इस मामले में फरार एक अपराधी जिसके साथ मिलकर संजीव ने लूट की योजना बनाई थी, वह फरार है पुलिस के मुताबिक बाकी के पैसे उसी के पास है. उसी के फरार होने के कारण सजीव और चंदन को नहीं मिले.

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करीबियों पर भरोसा पड़ रहा भारी, रहे सावधान

कर्मियों पर भरोसा करना व्यवसायियों को भारी पड़ रहा है. हाल के दिनों में पटना में ऐसी कई घटनाएं हुई है. जिसमें कर्मी ही अपराधी के लाइनर निकल गए हैं. एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं. जिनमें लूट कांड में करीबी ही मास्टरमाइंड निकले हैं.

बरते सावधानी

कर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखें. उनका पहचान पत्र और घर का पता जरूर जाने. अपने रुपया के ट्रांजैक्शन के बारे में कर्मियों को जानकारी न दें. किसी एक कर्मी पर यह जिम्मेदारी नहीं सौपे. किसी को भी काम में रखते वक्त उसका चरित्र सत्यापन के कागजात जरूरी देंखें. कर्मचारियों की सूचना स्थानीय थाने को भी अवश्य दें.

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