पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर मीरा देवी हारीं, कुर्सी गई, मेयर सीता साहू गुट जीता

Smart News Team, Last updated: Fri, 30th Jul 2021, 4:56 PM IST
  • पटना नगर निगम में डिप्टी मेयर मीरा देवी अविश्वास प्रस्ताव हार गईं हैं. मेयर सीता साहू गुट ने उनको कुर्सी से उतार दिया है. 75 पार्षदों वाले निगम में अविश्वास प्रस्ताव पर बैलट वोटिंग हुई जिसमें मीरा देवी को 40 में मात्र 2 वोट मिले और वो 38 वोट से हार गईं. टोटल 54 वोट पड़े थे जिसमें 14 रिजेक्ट हो गए.
पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए बुलाई गई मीटिंग की अध्यक्षता करतीं मेयर सीता साहू (बाएं) और दाएं 2 वोट पाकर उप-महापौर की कुर्सी गंवाने वाली मीरा देवी.

पटना. पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर मीरा देवी अविश्वास प्रस्ताव हारकर उप-महापौर की कुर्सी गंवा बैठी हैं. नगर निगम की महापौर सीता साहू गुट के 29 पार्षदों ने मीरा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था जिस पर शुक्रवार को बैलट वोटिंग के जरिए मतदान कराया गया. महापौर गुट ने 38 वोट से मीरा देवी को हरा दिया. ठीक एक साल पहले 31 जुलाई, 2020 को मेयर सीता साहू अविश्वास प्रस्ताव में अपनी कुर्सी बचा ले गई थीं. 

मीरा देवी लॉटरी से जीतकर डिप्टी मेयर बनी थीं. उनके खिलाफ मेयर गुट के 29 पार्षदों ने तरह-तरह के आरोप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था जिस पर आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतपत्र पर वोटिंग कराई गई. 75 पार्षदों वाले पटना नगर निगम की इस मीटिंग में 56 पार्षद पहुंचे जिसमें 2 ने वोट का बहिष्कार कर दिया. कुल 54 वोट पड़े जिसमें 14 तकनीकी कारणों से रिजेक्ट हो गए. बचे हुए 40 वोट में 2 वोट मीरा देवी के पक्ष में और 38 वोट उनके खिलाफ था.

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अविश्वास प्रस्ताव को पास कराने के लिए 38 वोट की जरूरत थी और मीरा देवी के खिलाफ सटीक 38 वोट ही गिरे. वार्ड 72 की पार्षद मीरा देवी इसके साथ ही पूर्व डिप्टी मेयर बन गई हैं. अब नए सिरे से पटना नगर निगम के उपमहापौर पद का चुनाव होगा जिसमें मेयर सीता साहू अपने गुट के किसी पार्षद को इस पद पर बिठाने की कोशिश करेंगी.

पटना मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरने को चुनौती, हाईकोर्ट का नोटिस

31 जुलाई, 2020 को सीता साहू के खिलाफ तब अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई थी जब 17 जुलाई को 41 पार्षदों ने सीता साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया था. लेकिन सीता साहू की राजनीतिक सूझबूझ ऐसी है कि वोटिंग का दिन आते-आते सारे विरोधियों को उन्होंने साध लिया.

जब 31 जुलाई को वोटिंग हुई तो नाटकीय रूप से अविश्वास प्रस्ताव देने वाले पार्षद भी पलट गए और मात्र 4 वोट सीता साहू के खिलाफ पड़ा था. तब इसके खिलाफ मीरा देवी हाईकोर्ट चली गईं थी और उन्होंने सीता साहू के अविश्वास प्रस्ताव गिरने को चुनौती दी थी.

सीता पर ‘विश्वास’ का फैसला आज

इससे पहले 2019 में भी सीता साहू गुट ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर तब के डिप्टी मेयर विनय कुमार को पद से हटा दिया था. उसके बाद अपने ही समर्थकों से अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करवा दिया ताकि मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर जाए और कानूनी तौर पर फिर ऐसा प्रस्ताव लाने की समय सीमा तक उनकी कुर्सी पर कोई खतरा ना रहे. सीता साहू का नगर निगम पर ऐसा कब्जा है कि अविश्वास प्रस्ताव तो बार-बार आता है लेकिन कुर्सी बचा ले जाती हैं.

डिप्टी मेयर मीरा देवी के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए बुलाई गई पटना नगर निगम की बैठक में मेयर सीता साहू और उनके बगल में मीरा देवी.
डिप्टी मेयर मीरा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए बुलाई गई पटना नगर निगम की बैठक में मौजूद पार्षद.
अविश्वास प्रस्ताव में डिप्टी मेयर मीरा देवी को हराने के बाद मेयर सीता साहू के साथ जश्न मनाते मेयर गुट के पार्षद.
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