पटना

हिन्दुस्तान खास: बिहार में वेयर हाउस स्थापित करना चाहती हैं नामचीन कंपनियां

Smart News Team, Last updated: 02/07/2020 09:45 AM IST
  • देश की कई नामचीन कंपनियां बिहार में वेयर हाउस स्थापित करना चाहती हैं। इसमें पब्लिक सेक्टर की संस्थाओं के साथ निजी क्षेत्र की भी कंपनियां शामिल हैं। करीब तीन हजार करोड़ का निवेश करने को ये इच्छुक हैं।
हिन्दुस्तान खास: बिहार में वेयर हाउस स्थापित करना चाहती हैं नामचीन कंपनियां

देश की कई नामचीन कंपनियां बिहार में वेयर हाउस स्थापित करना चाहती हैं। इसमें पब्लिक सेक्टर की संस्थाओं के साथ निजी क्षेत्र की भी कंपनियां शामिल हैं। करीब तीन हजार करोड़ का निवेश करने को ये इच्छुक हैं। इनमें से कई निवेश प्रस्ताव लॉकडाउन अवधि में भेजे गए हैं। राज्य की औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति में हाल में किए गए संशोधन में वेयर हाउसिंग को प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल किया गया है। जमीन मिले तो ये कंपनियां काम शुरू करने को तैयार हैं। इनकी स्थापना हुई तो रोजगार के साथ ही राज्य के किसानों को खासा लाभ होगा।

यहां केंद्र सरकार के तीन लोक उपक्रमों ने वेयर हाउस स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इनमें नेशनल कमोडिटी मार्केट लिमिटेड (एनसीएमएल), सेंट्रल रेलवे वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन और सेंट्रल वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें से एनसीएमएल और सेंट्रल रेलवे वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन का प्रस्ताव लॉकडाउन अवधि में ही आया है। तीनों के प्रस्ताव दो हजार करोड़ से अधिक के हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र की कंपनियां अमेजन, सीबीआरई और आंध्र प्रदेश की एईएपी भी यहां वेयर हाउस स्थापित करना चाहती हैं। यह कंपनियां करीब नौ सौ करोड़ का निवेश करना चाहती हैं।

वेयर हाउसिंग प्राथमिकता क्षेत्र में

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति संशोधन में वेयर हाउसिंग के प्राथमिकता क्षेत्र में आने से ब्याज अनुदान, जमीन पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की प्रतिपूर्ति का लाभ उन्हें मिल सकेगा।

किसानों को लाभ

एनसीएमएल सहित केंद्र सरकार के तीन लोक उपक्रम (पीएसयू) यहां कृषि क्षेत्र के लिए वेयर हाउस स्थापित करना चाहते हैं। इससे किसानों को फसल जल्दबाजी में सस्ती नहीं बेचनी पड़ेगी। भंडारण की उचित व्यवस्था होने से उन्हें फसल के अच्छे दाम मिलेंगे। इसके अलावा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अभी सब्जी, फल, मक्का, धान आदि के भंडारण की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से अधिक समय तक सुरक्षित रख पाना बड़ी चुनौती है।

रोजगार और व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे

निजी क्षेत्र की जिन कंपनियों ने रुचि दिखाई है, यदि उनके प्रस्ताव जमीनी हकीकत बने तो रोजगार व व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। लॉजिस्टिक इंडस्ट्री में लोडिंग-अनलोडिंग सहित विभिन्न कार्यों के लिए काफी लोगों की जरूरत होती है। सामान के भंडारण की उचित व्यवस्था होने पर राज्य में निजी कंपनियां का व्यवसाय बढ़ेगा। साथ ही परिवहन व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी। इसका फायदा व्यापारियों को भी मिलेगा।

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