PMCH की हालत खराब, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉक्टरों में संक्रमण से टेस्ट हुए कम

Smart News Team, Last updated: 21/07/2020 09:18 PM IST
  • पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की 6 टीमों में से 4 टीम पूरी तरह से कोरोना संक्रमित हैं. डॉक्टर कम होने के कारण कोविड सैंपल की जांच में भी कमी आई है.
पीएमसीएच की हालत खराब, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉक्टरों में संक्रमण से कोविड टेस्टों में आई कमी

पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पीएमसीएच की हालत खराब होती जा रही है. पीएमसीएच का माइक्रोबायोलॉजी विभाग एक चौथाई क्षमता में काम कर रहा है. विभार में एक चौथाई डॉक्टर और तकनीशियन काम कर रहे हैं. दरअसल अस्पताल में कोरोना जांच के लिए बनी छह टीम में से चार टीम संक्रमित हो गई हैं. सभी को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है. इस कारण अस्पताल में डॉक्टरों की कमी हो गई है. 

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डॉक्टरों ने तीन दिन के लिए लैब बंद रखने की मांग उठाई है. केवल डॉक्टर और तकनीशियन ही नहीं बल्कि यहां के अध्यक्ष समेत तीन सीनियर डॉक्टर, तीन से ज्यादा जूनियर डॉक्टर और सहायक, पांच तकनीशियन व लैब बॉय, सफाईकर्मी आदि संक्रमित हो चुके हैं. अब सिर्फ दो टीम के चार डॉक्टर व टेक्नीशियन व एक टीम की एक जूनियर डॉक्टर ही संक्रमण से बचे हैं और काम कर रहे हैं. 

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डॉक्टरों की कमी के कारण सैंपल जांच में भी कमी आई है. पहले विभाग में पांच से छह सौ सैंपलों की जांच हो रही थी लेकिन स्टाफ ना होने से केवल तीन सौ सैंपल ही जांच किए जा रहे हैं. इनमें से 100 से ज्यादा टेस्ट रैपिड एंटीजन किट से हो रहे हैं. 

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काम कर रहे दो टीमों के डॉक्टरों ने काम बढ़ने के कारण प्राचार्य से माइक्रोबायोलॉजी लैब को कम से कम तीन दिन के लिए बंद कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार एक-दो लोगों के संक्रमित होने से आरएमआरआई तथा आईजीआईएमएस की लैब को तीन-तीन दिनों तक बंद रख सैनेटाइजेशन किया जाना चाहिए और वहीं पीएमसीएच को एक दिन भी पूरी तरह से बंद नहीं किया गया. सैनेटाइजेशन के नाम पर केवल आधे घंटे तक बंद किया गया.

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