पटना

घरों में दुबके रहे अपराधी, लॉकडाउन में घटा क्राइम का ग्राफ, भारी पड़ी पटना पुलिस

Smart News Team, Last updated: 05/06/2020 03:31 PM IST
  • कोरोना लॉकडाउन में न सिर्फ प्रकृति की सुंदरता लौटी है, बल्कि समाज में अपराध के ग्राफ में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कोरोना का भय कहें या फिर पटना पुलिस की मुस्तैदी, लॉकडाउन में ज्यादातर अपराधी घरों में ही दुबके रहे।
Patna Police representative image

पटना, नागेंद्र पंकज

कोरोना लॉकडाउन में न सिर्फ प्रकृति की सुंदरता लौटी है, बल्कि समाज में अपराध के ग्राफ में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कोरोना का भय कहें या फिर पटना पुलिस की मुस्तैदी, लॉकडाउन में ज्यादातर अपराधी घरों में ही दुबके रहे। चाहे लूट की वारदात हो या रेप की या फिर हत्या की, पटना जिले में सभी में भारी कमी देखने को मिली है, जो समाज के लिए अच्छे संकेत हैं। अगर अपराध की तुलना करें तो साल 2019 की तुलना में इस बार 23 मार्च से लॉकडाउन के चौथे चरण के खत्म होने तक यानी 31 मई के बीच पटना जिले में अपराध का ग्राफ घटा है। पटना पुलिस रिकार्ड में दर्ज आंकड़ों गौर किया जाए तो 23 मार्च 2019 से 31 मई की तुलना में वर्ष 2020 के 23 मार्च से 31 मई तक लूट में 90, डकैती में 60, हत्या में 20 व बलात्कार में 25 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

महीनेवार तरीके से घटनाओं पर एक नजर

मार्च: साल 2019 के 23 मार्च से 31 मार्च के बीच पटना जिले में हत्या की 07 वारदातें हुईं थीं, जबकि डकैती 01 और लूट की 07 घटनाएं सामने आईं थीं। इस माह बलात्कार की एक भी घटना नहीं हुई। साल 2020 के 23 से 31 मार्च के भीतर हत्या की 05 तथा लूट की 02 ही घटनाएं हुईं। अच्छी बात यह रही कि इसी अंतराल में डकैती व रेप की एक भी वारदात सामने नहीं आई। इस प्रकार हत्या में 20, डकैती व रेप में 100 जबकि लूट में 70 फीसदी अपराध घटा।

अप्रैल : वर्ष 2019 में 01 से 30 अप्रैल तक हुए अपराधों की बात करें तो हत्या की 16, डकैती 04, लूट 34 व बलात्कार की 06 घटनाएं दर्ज थीं, जबकि इस बार अप्रैल के 30 दिनों में 09 हत्या, 03 लूट व रेप की 04 केस सामने आये, जबकि डकैती एक भी नहीं हुई। इस प्रकार हत्या में 50, डकैती में 100, लूट में 92 तथा बलात्कार की घटनाओं में 33 फीसदी गिरवाट आयी।

मई : वर्ष 2019 पर गौर करें तो 01 से 31 मई तक हत्या की 27, डकैती की 05, लूट 32 तथा बलात्कार की 08 घटनाएं दर्ज हुईं जबकि वर्ष 2020 में लॉकडाउन के बीच इस अवधि में 16 हत्या, 02 डकैती, 03 लूट तथा बलात्कार की 06 शर्मनाक वारदात सामने आयी। इस अवधि में पुलिस की रणनीति व सख्ती का असर यह रहा है कि हत्या में 40, डकैती में 60, लूट में 90 तथा बलात्कार में 25 फीसदी अपराध का ग्राफ घटा।

पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन में घटे अपराध को देखते हुए आगे और सख्ती बरतने की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि अपराधी दोबारा सिर नहीं उठा सकें और अपराध का ग्राफ बढ़ न पाए। इसके लिए सभी थानेदारों को सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी और इलाकों में चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

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