कोरोना के इलाज में लूट मची है, पीपीई किट के वसूले 56 हजार, मरीज मरा

Smart News Team, Last updated: 06/05/2021 08:30 PM IST
  • पटना में सरकार की ओर से शुल्क निर्धारित करने के बावजूद कोरोना के इलाज के लिए निजी अस्पतालों में मनमानी फीस वसूल की जा रही है. बैंक रोड स्थित तारा हॉस्पिटल में सिर्फ पीपीई किट के लिए मरीज के परिजन से 56 हजार रुपये वसूले गए. जबकि मरीज खुद एक डॉक्टर और महाराजगंज के सीएमओ डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंहा थे.
कोरोना के इलाज में लूट मची है, पीपीई किट के वसूले 56 हजार, मरीज मरा

पटना. राजधानी पटना में बैंक रोड पर स्थित तारा हॉस्पिटल में एक मरीज के परिजन से केवल 56 हजार रुपये पीपीई किट के लिए वसूले गए. जबकि मरीज खुद महाराजगंज के चीफ मेडिकल ऑफिसर और खुद एक डॉक्टर थे. गुरुवार को अस्पताल की ओर से मरीज को मृत घोषित करने के बाद परिजनों से 3 लाख 33 हजार 500 रुपये वसूलकर उन्हें शव सौंपा गया. हालांकि तीन दिन पहले मरीज की हालात में सुधार बताया गया था. इस पूरे मामले की शिकायत गांधी मैदान थाने में की गई. जिसके बाद थाने से जांच के लिए टीम अस्पताल भी गई थी. लेकिन हॉस्पिटल में किसी से फोन पर बात करके लौट गई.

पटना के निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लूट मची हुई है. मरीजों से बेड चार्ज से लेकर जांच तक के लिए बड़ी राशि की वसूली की जा रही है. पीपीई किट के लिए भी हजारों रुपये अलग से वसूल किए जा रहे है. बैंक रोड स्थित तारा अस्पताल से ऐसा ही एक मामला सामने आया है. जहां एक मरीज के परिजनों से केवल पीपीई किट के लिए 56 हजार रूपये वसूले गए. मरीज महाराजगंज के सीएमओ डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंहा थे. अस्पताल में कोविड के इलाज के लिए एडमिट होने के बाद तीन दिन पहले उनकी हालत में अस्पताल वालों ने सुधार बताया था.

मरीज के कोरोना इलाज के लिए अस्पताल का बिल

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इसके अलावा तीन मई के बाद से मरीज की कोई भी रिपोर्ट परिजनों को नहीं दी गई थी और न ही कोई दवा मरीज को दी गई थी. तीन मई के बाद की सारी दवाइयां दुकान पर लौटा दी गई थी. लेकिन अचानक से अस्पताल ने गुरुवार 6 मई को मरीज को मृत घोषित कर दिया. साथ ही हॉस्पिटल बिल जमा करके शव को ले जाने के लिए कहा. अस्पताल ने 3 लाख 33 हजार 500 रुपये वसूलने के पा शव को परिजनों को सौंपा. इस रकम में से 56 हजार रुपये सिर्फ पीपीई किट के थे. इसके अलावा अस्पताल वालों ने शव एंबुलेंस के जो नंबर उपलब्ध कराए, वे बांसघाट जाने के लिए छह हजार रुपये वसूल रहे थे. जबकि दोनों स्थानों के बीच की दूरी डेढ़ से दो किमी है.

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