पटना

पटना में बारिश देख CM नीतीश ने संभाला मोर्चा, सड़क पर उतर जलजमाव का लिया जायजा

Smart News Team, Last updated: 19/06/2020 02:36 PM IST
  • पटना में हुई भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी एक्शन में आ गए।
पहाड़ी संप हाउस के पास वर्षा से जमा पानी का जायजा लेते सीएम नीतीश कुमार।

बिहार में मॉनसून की सक्रियता दिख रही है और पटना में भी बारिश हो रही है। पटना में गुरुवार को पूरी रात हुई भारी बारिश ने लोगों को डरा दिया और पिछले साल की भयावह यादें ताजा कर दीं। पटना में हुई भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी एक्शन में आ गए। शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद पटना की सड़कों पर निकले और जलजमाव से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह करीब 11 बजे पटना नगर निगम के सात अलग-अलग क्षेत्रों करने निकले हैं और अधिकारियों को जलजमाव से निपटने के आदेश दे रहे हैं। नीतीश कुमार पहले ही एक्शन मोड में हैं ताकि पिछले साल की तरह स्थिति भयावह न हो।

कहां-कहां जा रहे हैं सीएम नीतीश कुमार

पटना में भारी बारिश के मद्देनजर और संभावित विकट स्थिति से निपटने के लिए सीएम का यह दौरा पाटलिपुत्र कॉम्प्लेक्स, योगीपुर संप हाउस और ड्रेनेज, पहाड़ी ड्रेनेज, बादशाही पइन, बस टर्मिनल बैरिया, और गांधी सेतु इलाके में है। मुख्यमंत्री ने पटना के पहाड़ी संप हाउस का निरीक्षक किया और अधिकारियों को जलजमाव से निपटने के लिए आदेश दिए।

पहाड़ी संप हाउस का निरीक्षक करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

बारिश से सहमे लोग

दरअसल, बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार की देर रात तक खूब बारिश हुई। पटना में पिछले चौबीस घंटे में 9.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। पटना और आस-पास के इलाकों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों न सिर्फ नीदें उड़ा दीं, बल्कि डरा भी दिया। बारिश इतनी तेज हो रही थी कि लोगों को पिछले साल का डर सताने लगा था। पटना में रात साढ़े नौ बजे से रात करीब दो बजे तक बारिश होती रही। हालांकि, शुक्रवार सुबह भी रुक-रुक कर बारिश होती रही।

बारिश की वजह से पटना के निचले मोहल्लों में गलियां डूब गईं, सड़कों पर जलजमाव हो गया। पटना के राजवंशी नगर, राजेन्द्र नगर, कंकड़बाग, बाईपास दक्षिणी इलाकों में जलजमाव के कारण काफी परेशानी हो रही है। बारिश की वजह से पटना के कंकड़बाग, कदमकुआं और राजेंद्र नगर के लोग रातभर खौफ का साए में जागते रहे। लोगों को डर सता रहा था कि क्या पिछली बार की तरह फिर से जलप्रलय झेलना पड़ेगा। लोगों की रात बड़ी मुश्किल से कटी और बार-बार रात में बॉलकनी से लोग सड़कों की हालत देख रहे थे। हर कोई सोशल मीडिया पर अपना डर जाहिर कर रहा था।

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