राज्यसभा में JDU के हरिवंश नारायण फिर बने उपसभापति, RJD के मनोझ झा हारे

Smart News Team, Last updated: 14/09/2020 08:47 PM IST
राज्यसभा में जदयू के हरिवंश नारायण सिंह फिर से उप सभापति बने हैं. चुनाव में उनका मुकाबला आरजेडी के मनोज झा से था. बिहार चुनावों से पहले यह चुनाव काफी अहम है. हरिवंश को नीतीश कुमार के बेहद करीबी माना जाता है.
चुनाव के बाद जीत की मुद्रा में हरिवंश नारायण सिंह

पटना. हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा में लगातार दूसरी बार उपसभापति चुने गए हैं. राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) उम्मीदवार का हरिवंश का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार मनोज झा से था. राज्यसभा में ध्वनि मतों से हुए मतदान में हरिवंश नारायण सिंह ने जीत दर्ज़ की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें उनकी जीत के लिए मुबारकबाद दी है.

इससे पहले जगत प्रकाश नड्डा ने हरिवंश को उपसभापति बनाने का प्रस्ताव रखा.जबकि विपक्ष की ओर से गुलाम नबी आजाद ने मनोज झा के नाम को प्रस्तावित किया. गौरतलब है कि जेडीयू की ओर से राज्यसभा सदस्य हरिवंश नारायण सिंह और आरजेडी नेता मनोज झा के बीच इस मुकाबले को बिहार में होने वाले चुनावों से पहले दिलचस्पी से देखा जा रहा है.

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आपको बता दें कि हरिवंश नारायण सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताब दियारा गांव में 30 जून 1956 को हुआ. हरिवंश सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं. राजनीति में वे जयप्रकाश नारायण को अपना आदर्श मानते हैं.

उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र विषय मैं पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त की है. इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया है. 1977- 78 में पढ़ाई के दौरान ही मुंबई में 'टाइम्स ऑफ इंडिया समूह' में हरिवंश प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में नियुक्त हुए. 1981 तक वे टाइम्स समूह की साप्ताहिक पत्रिका 'धर्म युग' में उप संपादक भी रहे. इसके बाद हरिवंश ने 1981- 84 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की. 1984 में उन्होंने पत्रकारिता में एक बार फिर वापसी की. इसके बाद वे अक्टूबर 1989 तक आनंद बाजार पत्रिका समूह की ओर से प्रकाशित 'रविवार साप्ताहिक पत्रिका' में सहायक संपादक रहे.

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साल 1990- 91में कुछ महीने हरिवंश ने तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अतिरिक्त सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी काम किया. हरिवंश नारायण सिंह ने 25 साल से अधिक समय तक प्रभात खबर के प्रधान संपादक के रूप में काम किया है. हरिवंश को बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेहद करीबी माना जाता है. नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने ही उन्हें राज्यसभा में भेजा.

हरिवंश के द्वारा कई पुस्तकों को लिखा गया है. इसमें 'दिसुम मुक्तगाथा और सृजन के सपने, 'जोहार झारखंड, 'झारखंड अस्मिता के आयाम, 'झारखंड सुशासन अभी भी संभावना है, 'बिहार रास्ते की तलाश' शामिल हैं. इसके साथ ही उन्होंने कई पुस्तकों का संपादन भी किया है.

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