पटना

घर चलाने वाली महिलाओं पर पहाड़ जैसा टूटा लॉकडाउन, पार्लर- बुटीक जैसे काम बंद

Smart News Team, Last updated: 25/07/2020 08:13 PM IST
  • पटना में अपनी कमाई से घर चलाने वाली महिलाएं बेहद परेशान हैं. पार्लर-लॉकडाउन में बुटीक जैसे काम बंद हो गए हैं जिससे कमाई नहीं हो रही है. 
घर चलाने वाली महिलाओं पर पहाड़ जैसा टूटा लॉकडाउन, पार्लर- बुटीक जैसे काम बंद

आशियाना की स्वाति सिंह ने लोन लेकर अपना बुटीक खोला था. अभी चार महीने पहले उसे शुरू किया था. लेकिन मार्च में कोरोना के कारण लॉकडाउन होने से बुटीक बंद करना पड़ा. स्वाति बताती है कि लगातार चार महीने से बुटीक बंद है.

बुटीक में रखे कपड़े में सिलन लग रहा है. हर महीने किराये देना पड़ रहा है सो अलग. अब स्वाति बुटीक को बंद करने की सोच रही हैं. यह स्थिति कोई एक स्वाति की नहीं है, बल्कि कई बुटीक और पार्लर की है. छोटे स्तर पर गली मुहल्ले में पार्लर और बुटीक खोला तो गया. लेकिन अब लॉकडाउन में कई पार्लर और बुटीक बंद होने के कगार पर पहुंच गया है.

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ज्ञात हो कि गली मुहल्ले में छोटे स्तर पर कई महिला उद्यमी है जो लोन लेकर अपना बिजनेस शुरू की थी. लेकिन लगातार लॉकडाउन के कारण उन्हें बिजनेस बंद करना पड़ा है. स्वाति सिंह ने बताया कि मुहल्ले में छोटा सा बुटीक खोला था. थोड़े ही दिनों में काफी चलने लगा था. लेकिन चार महीने से लगातार बंद होने से अब बंद करना पड़ा है. अभी तुरंत में तो खोलने की अनुमति नहीं मिलेगी। मैं कारीगर बुला कर काम करवाती हूं.

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पार्लर तो बंद है. अब तो उसमें रखे प्रोडक्ट भी खराब होने लगा है. बोरिंग रोड में प्रीति ने बताया कि कुछ महीने पहले मैंने पार्लर शुरू किया था. लोन लिया था लेकिन अचानक से बंद करना पड़ा। मेरे 70 फीसदी प्रोडक्ट भी खराब हो गए. वहीं, अशोक राजपथ में पार्लर चला रही प्रियंका ने बताया कि सारे प्रोडक्ट एक्सपायर हो गये. लोन लेकर पार्लर एक साल पहले खोली थी. अभी लोन खत्म भी नहीं हुआ था. बंद करना पड़ा.

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लॉकडाउन में लोगों ने कपड़े सिलवाना बंद कर दिया है. श्रेया बुटिक, बोरिंग कैनाल रोड की श्रेया ने बताया कि 15 साल से मेरा बुटीक चल रहा था. लेकिन अब लगता है कि 15 साल का अनुभव और मेहनत दोनों बर्बाद हो गए. हम लोग कारीगर रखते हैं. लेकिन जब आर्डर आयेगा तभी तो कपड़े की सिलाई होगी. ऐसे में कारीगर को सैलरी देना मुश्किल हो रहा है. वहीं पाटिलपुत्र में बुटिक चला रही प्रीति ने बताया कि बहुत मुश्किल हो रहा है अब बुटीक को आगे बढ़ाना. एक तो आर्डर नहीं आ रहे हैं वहीं कपड़े लेने में कोरोना का डर भी लगता है.

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बुटीक मालिक श्रेया ने बताया कि सारी पूर्जी डूब गया. अब दोबारा उसे शुरू करना कई महिलाओं के लिए मुश्किल होगा. कई महिला अपने घर से पैसे लगाकर अपना काम शुरू की थी. प्रियंका बताती है कि जो लोन लिया है उसका तो आमदनी कुछ हुआ नहीं. अब दोबारा शुरू करने की सोच भी नहीं सकती हूं.

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