आदेश: पटना वीमेंस कॉलेज में फीस कटौती नहीं, आंदोलन कर रहीं छात्राएं जिद पर अड़ीं

Smart News Team, Last updated: 17/07/2020 02:06 PM IST
  • पटना वीमेंस कॉलेज की छात्राओं के फीस विरोधी आंदोलन का असर कॉलेज प्रशासन पर नहीं पड़ा है। कॉलेज ने फीस के खिलाफ आंदोलन कर रहीं छात्राओं को झटका दिया है और स्पष्ट कर दिया है कि किसी कोर्स म फीस कटौती नहीं होगी।
पटना वीमेंस कॉलेज फी में कटौती नहीं करेगा।

बिहार में लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए फेमस पटना वीमेंस कॉलेज में फीस को लेकर छात्राओं और कॉलेज प्रशासन में ठनी हुई है। फिलहाल,  पटना वीमेंस कॉलेज की छात्राओं के फीस विरोधी आंदोलन का असर कॉलेज प्रशासन पर नहीं पड़ा है। कॉलेज ने फीस के खिलाफ आंदोलन कर रहीं छात्राओं को झटका दिया है और स्पष्ट कर दिया है कि किसी कोर्स म फीस कटौती नहीं होगी। कॉलेज प्रशासन ने अपना आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक कॉलेज किसी भी कीमत पर फीस कटौती नहीं करेगा, बल्कि छात्राओं की सुविधा के लिए सिर्फ इंस्टॉलमेंट बढ़ा दी गई हैं।

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पटना वीमेंस कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर सिस्टर मारिया रश्मि एसी ने कहा कि किस्तें बढ़ा दी गईं हैं, मगर कॉलेज फी में कटौती नहीं करेगा। उन्होंने आगे कहा कि आपदा है, मगर शिक्षकों वेतन देना भी जरूरी है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन के इस फैसले से छात्राएं नाराज हैं। उनकी मांग है कि कोरोना काल में कॉलेज फी में कटौती करे न कि किस्तें बढ़ाईं जाए। उनका कहना है कि किस्तों में दर्द देने से कोई फायदा नहीं।

संशोधित फी नोटिस।

दरअसल, पटना वीमेंस कॉलेज ने अलग-अलग कोर्स के छात्राओं से 31 जुलाई तक पूरी फीस जमा करने को कहा था। इस आदेश के विरोध में कॉलेज की छात्राओं ने सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया और फीस में कटौती का दबाव बनाया। इसके लिए वे एक पिटिशन भी साइन करवा रही हैं। मगर कॉलेज का फैसला इनके उलट में है।

पहले 31 जुलाई तक कोर्स के फीस जमा करने थे, मगर कॉलेज के नए आदेश के मुताबिक अब इसे तीन किस्तों में बांट दिया गया है। यानी अलग-अलग कोर्स के पांचवें सेमेस्टर की फीस एक बार में नहीं, बल्कि तीन बार में छात्राओं को देनी होगी। पहली किस्त 15 अगस्त तक, दूसरी किस्त 15 अक्टूबर तक और तीसरी किस्त 25 नवंबर तक छात्राओं को देनी होगी।

पटना वीमेंस कॉलेज फीस विरोधी आंदोलन बना कैंपेन, पिटिशन साइन करवा रहीं छात्राएं

दरअसल, फीस के विरोध में आंदोलन कर रहीं छात्राओं की सबसे बड़ी तकलीफ ये है कि कोरोना लॉकडाउन में कॉलेज बंद है मगर उनसे लाइब्रेरी फीस और कैंपस मैंटेनेंस फीस मांगा गया है, जिस सुविधा का उपभोग कोरोना काल में किसी ने किया ही नहीं है। पिटिशन में कॉलेज फीस की रसीद भी है, जिसमें दिख रहा है कि कुल फीस में बड़ा हिस्सा उन चीजों का भी है, जिनका इस्तेमाल कोरोना की वजह से लॉकडाउन में नहीं हुआ है।

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