गले तक पहुंचा पानी: पटना में बारिश से त्राहिमाम कर रही जनता

Newswrap, Last updated: 01/10/2019 04:28 PM IST
पटना के हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। रविवार को भी लगातार मूसलाधार बारिश होती रही। गली- मोहल्लों में लगा कमर तक पानी अब गले तक पहुंच गया है। लोग घर छोड़ भागने लगे हैं। कार और बाइक पानी में तैर रही हैं।...
गले तक पहुंचा पानी: पटना में बारिश से त्राहिमाम कर रही जनता

पटना के हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। रविवार को भी लगातार मूसलाधार बारिश होती रही। गली- मोहल्लों में लगा कमर तक पानी अब गले तक पहुंच गया है। लोग घर छोड़ भागने लगे हैं। कार और बाइक पानी में तैर रही हैं। पटनावासी आसमानी आफत से त्राहिमाम कर रहे हैं। पानी निकालने का कोई तरीका सरकार के पास नहीं है। जितनी बारिश होगी शहर की गलियों का जलस्तर उतना बढ़ता जाएगा।

पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से शहर तालाब बन गया है। सड़कें पूरी तरह डूब चुकी हैं। शहर में नाव चल रही हैं। लोगों को बचाने के लिए दूसरे राज्यों से एनडीआरएफ की टीमें बुलाई गई हैं। हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। हर घंटे बढ़ रहे जलस्तर से घबराकर लोग पलायन करने लगे हैं। रविवार को पानी में फंसे कई लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने निकाला। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बार-बार फोन करते रहे, लेकिन बचाव के लिए कोई नहीं आया। ऐसे में हर कोई यह जानना चाहता है कि जनजीवन कब सामान्य होगा। आपको बता दें अब शासन-प्रशासन के हाथ में कुछ नहीं रहा। जितनी बारिश होगी, हालात उतने ही बेकाबू होते जाएंगे। बारिश बंद होने के बाद नगर निगम पूरी ताकत झोंक दे तो भी गलियों का पानी निकालने में सात से 10 दिन लग जाएंगे। लगातार हो रही बारिश से शक़हर के गली मोहल्लों में जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। राजेंद्र नगर, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, केसरी नगर जैसे दर्जनों मोहल्लों में सड़कों पर बह रहा पानी पांच फीट ऊपर पहुंच गया है। लोग घरों में कैद हैं।

चार आवश्यक सूचनाएं

1- अगले दो दिनों के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

2- पटरियों पर पानी लगे होने के कारण 20 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया।

3- एमयू के स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा को आगामी आदेश तक स्थगित किया गया।

4- पीपीयू: बीएड प्रथम वर्ष की परीक्षा 10 सितंबर तक स्थगित

पानी से सहमी राजधानी

1. कई इलाकों में घरों की एक मंजिल डूब गई है। एसडीआरएफ की टीम लोगों को रेसक्यू कर रही है।

2. शहर के बाजार बंद रहे। जिनके घरों में राशन नहीं है वहां लोग भूखे सोने को मजबूर हैं।

3. सब्जी और फलों की दुकानें भी बंद रहीं। शहर की थोक मंडियों में भी पानी घुस गया है।

4. कई इलाकों में दूध की आपूर्ति भी नहीं हुई। बच्चों की परेशानी बढ़ी।

5. स्थानीय यातायात भी बंद हो गए हैं, उन इलाकों में ऑटो और मिनी बसें चल रही हैं जहां जलजमाव नहीं है।

6. पटरी पर पानी भर जाने के कारण 50 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।

अन्य खबरें