गाड़ियों के मनपसंद नंबर लेने की मची होड़, पटना में तेजी से हो रहे रजिस्ट्रेशन

Smart News Team, Last updated: 05/12/2020 02:36 PM IST
कोरोना काल में गाड़ियों के लिए मनपसंद नंबर लेने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. पटना जिले में सबसे ज्यादा 487 लोगों ने फैंसी नंबर लिया है. गाड़ी खरीदते समय या पहले मनपसंद नंबर ऑनलाइन माध्यम में ढूंढा जा सकता है. उसके साथ ही ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है.
पटना में गाड़ी के लिए फैंसी नंबर लेने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है.

पटना. बिहार में गाड़ी खरीदने के साथ मनपसंद नंबर लेने में भी लोग पीछे नहीं है. अप्रैल से लेकर अभी तक 1 हज़ार से ज्यादा लोगों ने अपनी गाड़ी के लिए मनपसंद नंबर दिया है. हालांकि इसके लिए वाहन मालिकों को अधिक पैसा देना पड़ता है. राजधानी में सबसे अधिक 487 लोगों ने फैंसी नंबर लिया है.

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि गाड़ी खरीदते समय या खरीदने से पहले मनपसंद नंबर ऑनलाइन माध्यम में ढूंढा जा सकता है. उसके साथ ही ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है. जिस तरह से लोगों को मनपसंदीदा नंबर लेने की चाह बढ़ी है. उसे देखते हुए पिछले दिनों लोगों को राहत देते हुए दरों में भी संशोधन किया गया है. इसके बाद से फैंसी नंबर लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. संजय ने यह भी कहा कि कोरोना काल में लॉक डाउन के बाद फैंसी नंबर और चॉइस नंबर लेने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. सितंबर से लेकर नवंबर तक प्रतिमाह 200 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.

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आपको बता दें कि फैंसी नंबर 0001, 0007, 0009, 4141, 0123, 0021, 5151 और 9999 हैं जबकि चॉइस नंबर की श्रेणी में 8055, 9909, 9925 और 9990 नंबरों के लिए सबसे ज्यादा दावेदारी आ रही है. लोगों के द्वारा ही नंबर को काफी ज्यादा पसंद किया जा रहा है. लोगों की डिमांड को देखते हुए परिवहन विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है. फैंसी नंबर के लिए निर्धारित प्रक्रिया को अपनाते समय पोर्टल के द्वारा नीलामी प्रक्रिया में भाग लिया जा सकता है.

जानकारी के अनुसार कार, बाइक या अन्य गाड़ियों के लिए फैंसी नंबर और मनपसंद नंबर पाने के लिए सबसे पहले आपको एक रजिस्ट्रेशन कराना होगा. यदि एक नंबर के लिए इससे अधिक दावेदार है तो इस स्थिति में बोली लगाई जाती है और अधिकतम बोली लगाने वाले को वह नंबर दिया जाता है. फैंसी नंबर 0001, 0003, 0005, 0007, 0009 के लिए गैर परिवहन वाहन के लिए आधार शुल्क 1 लाख परिवहन वाहन के लिए 35 हज़ार है.

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फैंसी नंबर 0002, 0004, 0006, 0008, 0010, 0011, 0022, 0033, 0044, 0055, 0066, 0077, 0088, 0099, 0111, 0222, 0333, 0444, 0555, 0666, 0777, 0888, 0999, 1000, 1001, 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 7777, 8888, 9999, 2000, 3000, 4000, 5000, 6000, 7000, 8000, 9000, 0020, 0030, 0040, 0050, 0060, 0070, 0080, 0090 आदि नंबरों के लिए गैर परिवहन वाहन के लिए आधार शुल्क 60 हज़ार जबकि परिवहन वाहन के लिए आधार शुल्क 20 हज़ार रखा गया है

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