PMCH कोविड वार्ड में लापरवाही का आलम,ड्यूटी रोस्टर से गायब हुई डॉक्टरों की लिस्ट

Smart News Team, Last updated: Tue, 13th Apr 2021, 3:31 PM IST
पीएमसीएच कोविड वार्ड में जमकर लापरवाही हो रही है. बर्खास्त हेल्थ मैनेजर अंजलि ने बताया कि कोविड वार्ड में इलाज से लेकर मरीजों की मौत और उनके प्रमाण पत्र बनाने की सारी जिम्मेदारी डॉक्टर की है. उन्होंने कहा कि रोस्टर में जिन डॉक्टरों और कर्मियों की तैनाती की सूची थी, सोमवार की सुबह उसे गायब कर दिया गया. जबकि इवनिंग और नाइट शिफ्ट का रोस्टर था.
पीएमसीएच कोविड वार्ड में कोरोना मरीजों के प्रति जमकर लापरवाही की जा रही है.

पटना. बिहार के पीएमसीएच के कोविड वार्ड में बरती गई लापरवाही के बाद बर्खास्त हेल्थ मैनेजर अंजली अपने ऊपर लगे आरोपों को नकार रही हैं. उनका कहना है कि डॉक्टरों द्वारा बरती गई लापरवाही के लिए उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है. उसने कहा कि कोविड वार्ड में इलाज से लेकर मरीजों की मौत और उसके प्रमाण पत्र बनाने तक की सारी जिम्मेवारी वहां तैनात डॉक्टरों की है.

उन्होंने बताया कि रविवार को मात्र एक मरीज की मौत हुई. भर्ती मरीज में से जिसकी हालत खराब होती है उसकी सूचना परिजनों को भी देनी होती है. डॉक्टर के कहने पर ही इसका एनाउंस माइक के जरिये किया जाता है. ऐसे में गंभीर मरीज की बजाय स्वस्थ मरीज की मौत की घोषणा की जवाबदेही भी डॉक्टर की ही है.उन्होंने कहा कि रोस्टर में जिन डॉक्टरों और कर्मियों की तैनाती की सूची थी, सोमवार की सुबह उसे गायब कर दिया गया. इवनिंग और नाइट शिफ्ट का रोस्टर था जबकि मॉर्निंग शिफ्ट का रोस्टर गायब हो गया. उन्होंने ड्यूटी रोस्टर के रजिस्टर और उसके पन्ने की फोटो भी ली थी.

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एक दिन पहले ही कोविड वार्ड से डिस्चार्ज हुई एक महिला मरीज ने बताया कि कोविड वार्ड में वार्ड बॉय और नर्स ही मरीजों का सहारा बनते हैं। डॉक्टर 24 घंटे में एक-दो बार ही वार्ड में मरीजों को देखने आते हैं. उसने बताया कि डॉक्टर ने वार्ड बॉय के कहने पर मृतक राजकुमार भगत को चुन्नू बताकर उसके परिजनों को शव सौंप दिया होगा. गौरतलब है कि एक हेल्थ मैनेजर को बर्खास्त कर कार्रवाई की खानापूर्ति करने वाले पीएमसीएच के अधीक्षक को मॉर्निंग रोस्टर हटाने की जानकारी भी नहीं है. कोविड वार्ड के मॉर्निंग शिफ्ट में सर्जरी विभाग के एक सीनियर डॉक्टर और कुछ अन्य पीजी डॉक्टरों की तैनाती थी. उस समय ड्यूटी में सीनियर डॉक्टर थे कि नहीं, इस पर भी मरीज के परिजन सवाल उठा रहे हैं.

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पीएमसीएच के एक पूर्व चिकित्सक ने बताया कि भागलपुर अस्पताल के कोविड वार्ड में बिना मास्क पहने परिजनों के घुसने पर प्रधान सचिव ने वहां के अधीक्षक को तत्काल हटा दिया था लेकिन यहां एक जीवित मरीज को मृत बताकर दूसरे का शव उसके परिजनों को सौंपने की गड़बड़ी हुई है. इससे पूरे देश में पीएमसीएच के साथ बिहार की इलाज व्यवस्था की हकीकत सामने आई है. ऐसे में सिर्फ हेल्थ मैनेजर को बर्खास्त करना केवल दिखावा है.

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