कृषि कानूनों के खिलाफ JAP न्याय मार्च पर पुलिस लाठीचार्ज, पप्पू यादव हिरासत में

Smart News Team, Last updated: 22/12/2020 05:09 PM IST
  • पटना में मंगलवार को कृषि कानून के खिलाफ किसान न्याय मार्च निकाल रहे जाप अध्यक्ष पप्पू यादव को पुलिस झड़प के बाद हिरासत में ले लिया गया है. पप्पू यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि किसान न्याय मार्च पर पुलिसिया जुल्म लेकिन झुकेंगे नहीं. पप्पू यादव कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर कर रहे हैं.
किसान न्याय मार्च में पुलिस से झड़प के बाद जाप प्रमुख पप्पू यादव को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया.

पटना. कृषि कानून के खिलाफ पटना में न्याय मार्च निकाल रहे जाप अध्यक्ष पप्पू यादव को हिरासत में ले लिया गया है. जाप कृषि कानूनों के विरोध में कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रही है. गुरुवार को जाप राजभवन तक निकाल रही थी जिसे जीरो माइल पर पुलिस ने रोक दिया. जिस पर हंगामा शुरू हो गया, इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.

इस पर पप्पू यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि किसान न्याय मार्च पर पुलिसिया जुल्म लेकिन झुकेंगे नहीं, लड़ेंगे, मरेंगे पर डटे रहेंगे. बेईमान सरकार कानून वापस लो खाते हो किसान का, गाते हो अडानी-अंबानी का. किसान आंदोलन के समर्थन और केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ पटना में किसान न्याय मार्च मंगलवार को निकाला जा रहा था. जिसे जीरोमाइल पर पुलिस ने रोक लिया. जिस पर पुलिस के साथ झड़प हो गई. हंगामे को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. पुलिस ने कार्यकर्ताओं को खींचकर सड़क से हटाया.

न्याय मार्च को संबोधित करते जाप प्रमुख पप्पू यादव.

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आपको बता दें कि जाप अध्यक्ष पप्पू यादव का कृषि कानूनों पर विरोध कई दिनों से जारी है. पप्पू यादव ने शनिवार को सदबुद्धि यज्ञ किया और कई दिनों से कृषि कानूनों को रद्द की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. पप्पू यादव ने सोमवार को किसान अदालत का आयोजन किया था. इस अदालत में जाप प्रदेश अध्यक्ष राघवेन्द्र कुशवाहा ने सरकार का पक्ष रखा. वहीं पप्पू यादव ने किसानों का पक्ष रखा.

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इस दौरान जाप प्रमुख पप्पू यादव ने कहा कि शासन करने वालों ने हमेशा किसानों को लूटा है. पहले अंग्रेज सरकार किसानों पर अत्याचार करती थी. अब भारत की सरकार किसानों को बर्बाद करने में लगी हुई है. उन्होंने कहा कि ये तीनों कृषि कानून किसानों के हक में नहीं हैं, सरकार को इन्हें रद्द कर देना चाहिए.

 

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