मांझी के राम को लेकर दिए बयान से बिहार में चढ़ा सियासी पारा, पक्ष-विपक्ष दोनों हमलावर

Shubham Bajpai, Last updated: Thu, 23rd Sep 2021, 3:25 PM IST
  • भगवान श्रीराम पर बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने बिहार की सियासी पारा बढ़ा दिया है. राम के अस्तित्व को लेकर दिए उनके बयान में भाजपा समेत सभी पार्टियां हमलावर हैं. पार्टी के नेताओं ने उनके बयान को बेतुका बताया. वहीं, कई नेताओं ने इसे मुद्दों से भटकाने वाला बयान करार दिया.
मांझी के राम को लेकर दिए बयान से बिहार में चढ़ा सियासी पारा (फाइल फोटो)

पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने अपने एक बयान से श्रीराम और रामायण के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया. जिसके बाद से बिहार की राजनीति गरमा गई है. उनके इस बयान के बाद से उनकी सहयोगी भाजपा पार्टी व उसके नेता लगातार उन पर हमलावर है और उनसे माफी की मांग कर रहे हैं. वहीं, मांझी ने कहा कि वे अपने बयान पर 200 फीसदी कायम हैं. रामायण की कहानी सत्य नहीं है. राम जीवित थे, वो यह नहीं मानते हैं.

सेकुलर बनने की वजह से दिया ऐसा बयान

बिस्की से भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा जीतनराम मांझी ने रामायण को लेकर जो बयान दिया वो अच्छा नहीं है. मांझी ने सेकुलर बनने के चक्कर में ऐसा बयान दिया. उनको इस पर खेद व्यक्त करना चाहिए. उनके नाम में राम होना इस बात का प्रतीक है कि उनके माता-पिता ने राम के अस्तित्व को समझकर ही उनके नाम में राम जोड़ा. यदि मांझी इसे नहीं मानते हैं तो उनका नाम जीतन राक्षस मांझी होना चाहिए.

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राम के नाम पर सवाल उठाकर सेकते हैं राजनीतिक रोटी

भाजपा के नेता व बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन ने जीतनराम मांझी के इस बयान पर घोर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि मांझी समाज को जोड़ने वाला बयान दें. भारत की मिट्टी के कण-कण में राम बसे हैं. राम के नाम पर कई लोग सवाल उठाकर अपनी राजनीति की रोटी सेकने का प्रयास करते हैं.

इस मामले में भाजपा और सीएम दें जवाब

कांग्रेस के नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल श्रीराम के नाम पर पाखंड करते हैं. एक तरफ वे लोग श्रीराम के नाम पर वोट मांगकर राजनीति करते हैं और दूसरी ओर श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं. इस मामले में भाजपा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जवाब देना चाहिए कि ऐसी बयानबाजी के बाद भी मांझी सरकार का हिस्सा क्यों बने हुए हैं.

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जो लोग राम के नाम पर करते राजनीति , उनके साथ मांझी क्यों

राजद के नेता व विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि श्रीराम और रामायण पर हमारा विश्वास है लेकिन राम के नाम पर जो लोग राजनीति कर रहे हैं, उनके साथ मांझी क्यों हैं. वो उनका साथ छोड़ दें.

बता दें कि बिहार के स्कूल व कालेज के पाठ्यक्रम में रामचरितमानस और रामायण को शामिल किए जाने के सवाल पर जीतनराम मांझी ने कहा कि राम कोई जीवित और महापुरुष व्यक्ति थे. ऐसा मैं नहीं मानता, रामायण को मैं सच नहीं मानता लेकिन रामायण में कही गई बातों का मैं समर्थन करता हूं. रामायण की कई बातों से लोगों के बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण हबो सकता है, इसलिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने के मैं पक्षधर में हूं.

 

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