पुष्पम प्रिया की पार्टी को हाईकोर्ट से झटका,प्लुरल्स कैंडिडेट्स को एक सिंबल नहीं

Smart News Team, Last updated: 20/10/2020 07:27 PM IST
  • बिहार में पहली बार चुनावी किस्मत आजमा रहीं पुष्पम प्रिया चौधरी और उनकी प्लुरल्स पार्टी के कैंडिडेट्स अलग-अलग चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉमन सिंबल आवंटित करने की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी करके चार हफ्ते का वक्त दिया है.
बिहार चुनाव: पुष्पम प्रिया की पार्टी को हाईकोर्ट से झटका, प्लुरल्स कैंडिडेट्स को एक सिंबल नहीं ( फोटो- पुष्पम प्रिया फेसबुक)

नई दिल्ली. बिहार में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही पुष्पम प्रिया चौधरी की प्लुरल्स पार्टी को चुनाव चिह्न के तौर पर शतरंज यानी चेसबोर्ड को कॉमन सिंबल बनाने की अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट से कोई फौरी राहत नहीं मिल पाई. मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी करके जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया है. बिहार में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को तीन चरण के चुनाव के बाद 10 नवंबर को मतगणना और नतीजे आने हैं. जाहिर तौर पर आयोग के जवाब देने तक बिहार में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सकती है इसलिए इस चुनाव में प्लुरल्स के कैंडिडेट्स अलग-अलग सीट पर अलग-अलग सिंबल पर लड़ते नजर आएंगे.

प्लुरल्स के कैंडिडेट को अभी चुनाव आयोग अलग-अलग सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों की तरह अलग-अलग सिंबल आवंटित करेगा. पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था ताकि उसे शतरंज या कोई और कॉमन सिंबल मिल जाए जिस पर पूरे राज्य में उसके कैंडिडेट लड़ें और पार्टी को प्रचार करने में सुविधा हो. लेकिन चुनाव की तारीख बहुत नजदीक आ चुकी है और इतने कम समय में ऐसा होना अब मुश्किल दिख रहा है.

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जस्टिस जयंत नाथ ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 21 दिसंबर तय की है. पार्टी ने याचिका में निर्वाचन आयोग को आदेश देने की मांग की है कि चुनाव लड़ने के लिए पार्टी के उम्मीदवारों को चेस बोर्ड या कोई और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए. न्यायालय ने कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करके चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है.

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