चारा घोटाला केस के डोरंडा कोषागार मामले में CBI कोर्ट का फैसला, लालू यादव दोषी

Ankul Kaushik, Last updated: Tue, 15th Feb 2022, 12:32 PM IST
  • चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले डोरंडा ट्रेजरी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने फैसला सुना दिया है. चारा घोटाले के डोरंडा कोषागार मामले में राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव सहित 75 अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है. अब लालू यादव सहित दोषी करार अभियुक्तों को जेल भेजा जाएगा.
लालू यादव

पटना. सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले डोरंडा ट्रेजरी मामले में आज मंगलवार को फैसला सुना दिया है. इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत 75 अभियुक्तों को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है. इसके साथ ही अदालत ने दोषी करार अभियुक्तों को जेल भेज देने का आदेश दिया है. वहीं इस फैसले के आने के बाद राजद कार्यकर्ताओं ने रोना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही वहीं विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने मामले में ट्रायल फेस रहे 6 महिला समेत 24 आरोपियों को साक्षय के अभाव में बरी कर दिया. वहीं अदालत ने लालू प्रसाद समेत 39 लोगों को 21 फरवरी सजा की तारीख निर्धारित की है.  लालू यादव को इससे पूर्व चारा घोटाले के चार मामलों में सजा हो चुकी है और अब उन्हें पांचवे एवं अंतिम मामले में भी दोषी पाया गया है.

इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष जज द्वारा चारा घोटाले के अभियुक्तों का नाम का पुकारा गया. इस दौरान जो नहीं आया है उनके खिलाफ वारंट जारी करने का भी निर्देश दिया गया और वह अभी जानबूझकर नहीं आए हैं उनको बुलाया गया है. वहीं लालू यादव इस दौरान कोर्ट पहुंचे थे और अपने पुराने दोस्त डॉक्टर आरके राणा के बगल में बैठे रहे. इस दौरान सीबीआई की विशेष अदालत में जगदीश शर्मा, ध्रुव भगत समेत 36 आरोपियों को 3 साल की सजा एवं जुर्माना की सजा सुनाई है

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कई साल पुराने इस मामले को लेकर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें कम से कम सजा मिले. इस मामले में सुनवाई के दौरान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र समेत 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही दो अभियुक्तों ने निर्णय पूर्व ही दोष स्वीकार कर लिया था. इस फैसले को लेकर सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने अदालत से अभियुक्तों को कठोर से कठोर सजा देने की बात कही है. इस दौरान अभियोजक बीएमपी सिंह ने कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त एवं ठोस साक्ष्य मिले हैं. इसके साथ ही बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि मेरे मुवक्किलों के खिलाफ कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं है और उनकी उम्र को देखते हुए फैसला सुनाने का अनुरोध किया है.

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