रघुवंश सिंह को RJD से इस्तीफे पर लालू यादव की चिट्ठी- आप कहीं नहीं जा रहे हैं

Smart News Team, Last updated: 10/09/2020 07:09 PM IST
  • राजद प्रमुख को राजद से इस्तीफा पत्र भेजने पर रघुवंश प्रसाद सिंह को पार्टी चीफ लालू प्रसाद यादव ने भी एक पत्र लिखा है. लालू ने रघुवंश से कहा है कि आप पहले ठीक हो जाइए, उसके बाद बैठकर आराम से बात करेंगे. आप कहीं नहीं जा रहे हैं.
रघुवंश सिंह को RJD से इस्तीफे पर लालू यादव की चिट्ठी- आप कहीं नहीं जा रहे हैं

पटना. राजद नेता रघुवंश प्रसाद के पार्टी छोड़ने के फैसले को लेकर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने उनके लिए पत्र लिखा है. इससे पहले रघुवंश प्रसाद सिंह ने लालू को चिट्ठी भेजकर राष्ट्रीय जनता दल से इस्तीफा दिया था. इस पर लालू प्रसाद यादव ने पत्र में कहा कि रघुवंश बाबू पहले आप पूरी तरह ठीक हो जाइए फिर बैठकर बात करेंगे. लालू प्रसाद ने आगे लिखा कि रघुवंश प्रसाद आप कहीं नहीं जा रहे हैं ये समझ लीजिए.

रांची से रघुवंश प्रसाद सिंह को भेजे पत्र में लालू ने लिखा है, 'प्रिय रघुवंश बाबू, आपके द्वारा कथित तौर पर लिखी एक चिट्ठी मीडिया में चलाई जा रही है. मुझे वो विश्वास ही नहीं होता. अभी मेरे और मेरे परिवार के साथ ही राजद परिवार भी आपको स्वस्थ होकर अपने बीच देखना चाहता है.'

लालू ने आगे लिखा है, ' हमने चार दशकों में हर राजनीतिक, सामाजिक और पारिवारिक मामले में मिल बैठकर विचार किया है. आप जल्द ठीक हो जाएं फिर बैठ के बात करेंगे, आप कहीं नहीं जा रहे हैं, समझ लीजिए. आपका, लालू प्रसाद.'

रघुवंश सिंह ने लालू यादव को चिट्ठी में लिखा- 32 साल पीठ पीछे खड़ा रहा, अब नहीं

मालूम हो कि गुरुवार को राजद के बड़े नेता रघुवंश प्रसाद ने अपना इस्तीफा पत्र लालू प्रसाद यादव को रांची भेजा था. रघुवंस प्रसाद ने लिखा था कि वे 32 साल पीठ पीछे खड़े रहे लेकिन अब नहीं. बिहार चुनाव से पहले रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफे से राजद को बड़ा झटका लगा. वर्तमान में रघुवंश प्रसाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हैं जहां उनका इलाज चल रहा है. वे रमा सिंह के आरजेडी में आने से पिछले कुछ दिनों से नाराज चल रहे थे और अपने पद से भी इस्तीफा सौंप चुके थे.

बिहार चुनाव से पहले लालू, तेजस्वी को झटका, रघुवंश प्रसाद सिंह का राजद से इस्तीफा

सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण में पहले ही मुंबई पुलिस की जांच और महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के रवैए को लेकर राजपूत समाज में नाराजगी थी. महाराष्ट्र में कांग्रेस सरकार का हिस्सा है जिसे शिवसेना नेता ठाकरे लीड कर रहे हैं जबकि बिहार में वो आरजेडी के साथ है. बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने इस केस में सुप्रीम कोर्ट तक जाकर जिस तरह पटना में दर्ज केस को सीबीआई के हवाले करवाया उसे बिहार चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

आरजेडी को जातीय समीकरणों के हिसाब से देखें तो राजपूत उसके साथ नहीं रहे हैं लेकिन 2009 के चुनाव में लालू यादव के अलावा पार्टी के तीन सांसद जीते थे और तीनों राजपूत थे. उस चुनाव में रघुवंश प्रसाद सिंह, जगदानंद सिंह और उमाशंकर सिंह जीते थे. प्रभुनाथ सिंह भी एक मर्डर केस में जेल में हैं. जगदानंद सिंह आरजेडी में बने हुए हैं. अब रघुवंश सिंह का पार्टी छोड़कर जाना आरजेडी और कांग्रेस महागठबंधन के लिए राजपूत वोटों के हिसाब से एक बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें