जातिगत जनगणना के आंकड़ों के बिना पिछड़ापन दूर करना मुश्किल- तेजस्वी यादव

ABHINAV AZAD, Last updated: Sun, 5th Dec 2021, 11:01 AM IST
  • बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि जातिगत जनगणना के बिना सही आकड़ा नहीं जुटाया जा सकता है. ऐसे में कई वर्ग विशेष के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक पिछड़ेपन को दूर करना संभव नहीं है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब पेड़, शेर-बाघ की गिनती होती है तो जाति की क्यो नहीं.

पटना. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा बयान दिया है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जातिगत जनगणना के बिना सही आकड़ा नहीं जुटाया जा सकता है. ऐसे में कई वर्ग विशेष के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक पिछड़ेपन को दूर करना संभव नहीं है. आरजेडी नेता ने आगे कहा कि हिंदू-मुस्लिम की गिनती होती है. पेड़, शेर-बाघ की गिनती होती है. दरअसल, यह गिनती योजना बनाने के लिए होती है. इसलिए जातिगत जनगणना जरूरी है.

शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दिल्ली में एक टीवी चैनल से बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि जाति, धर्म और क्षेत्र की बजाय नौकरी, रोजगार, महंगाई, उद्योग-धंधे, गरीबी, बेरोजगारी, किसान, किसानी, विकास पर बात हो. तेजस्वी ने आगे कहा कि नौकरी, रोजगार, महंगाई, उद्योग-धंधे, गरीबी, बेरोजगारी, किसान, किसानी, विकास के बजाय तबलिगी जमात, हिंदू-मुसलमान, लव जेहाद, शाहरुख खान के बेटे पर बात होती है.

झारखंड में चक्रवाती तूफान जवाद का आज से दिखेगा असर, भारी बारिश के आसार, येलो अलर्ट जारी

इस दौरान आरजेडी नेता ने कहा कि देश का सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजरागी है. नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि हमने इस मुद्दे को देश में सबसे पहले उठाया था. साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार में 5 लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त हैं. तेजस्वी यादव ने कहा कि आरएसएस के मोहन भागवत ने साल 2014 में कहा था कि कई सौ वर्षों बाद हिंदुओं का राज आया है. लेकिन अब कह रहे हैं कि हिंदू पहले से कमजोर हुआ है. आरजेडी नेता ने कहा कि मोहन भागवत ने कहा कि वो कहना क्या चाह रहे है? क्या मोदी राज में वे कमजोर हो गए है?

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें