बिहार में चल रहा कुर्सी का खेल, जनता को सरकार से कोई उम्मीद नहीं: तेजस्वी यादव

Smart News Team, Last updated: Fri, 29th Jan 2021, 5:05 PM IST
  • राजद नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बिहार में कुर्सी का खेल चल रहा है, जनता को सरकार से कोई उम्मीद नहीं है. शनिवार को होने वाली मानव श्रृंखला के लिए महागठबंधन की मीटिंग हुई.
महागठबंधन की बैठक के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा.

पटना. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में सरकार का कोई भी कार्यक्रम जमीन पर नहीं उतरा है, यहां केवल कुर्सी बचाने का खेल चल रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे में जनता को इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है. तेजस्वी यादव ने ये शुक्रवार को महागठबंधन के नेताओं के साथ शनिवार को होने वाली मानव श्रृंखला पर हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कही. 

मिली जानकारी के अनुसार, कृषि कानूनों का रद्द करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने और बिहार में एपीएमसी एक्ट लागू करने की मांग को लेकर महागठबंधन ने 30 जनवरी को मानव श्रृंखला बनाने की घोषणा की है. महागठबंधन की इस मीटिंग में राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में 2006 में ही एपीएमसी कानून को खत्म कर दिया गया था. नीतीश कुमार को सामने आकर बताना चाहिए कि इससे किसानों को लाभ हो रहा है या नहीं. 

मांझी का तंज- नौकरी और टिकट के लिए जमीन लिखवाने वाले भी किसान को दिलवाएंगे न्याय

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में किसानों की स्थिति दयनीय हो गई है. उन्हें पलायन करना पड़ता है, वे मजदूर बन के काम करने को मजबूर हैं. पहले किसान के बेटे बेरोजगार थे लेकिन कृषि कानून के आने के बाद किसान भी बेरोजगार हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि राजद ही नहीं बल्कि महागठबंधन के सभी दल किसानों के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं. कल हम लोग मानव श्रृंखला बनाने जा रहे हैं. हम आगे भी किसानों के हित में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.

RJD का मानव श्रृंखला को सफल बनाने का आह्वान, तेजस्वी बोले- किसानों की बनें आवाज़

महागठबंधन की मानव श्रृंखला पर जीतन राम मांझी ने ट्वीट करते हुए कहा कि नौकरी के लिए जिन नेताओं ने किसानों से जमीन लिखवाई है अगर उनसे किसानों की जमीन महागठबंधन के लोग वापिस करवा दें तो मैं भी मानव श्रृंखला में शामिल होने पर विचार कर सकता हूं. उन्होंने कहा कि घोर कलयुग आ गया है, नौकरी और टिकट के लिए किसानों की जमीन लिखवाने वाले भी किसानों को न्याय दिलवाएंगे.

 

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