पटना में कम नहीं हो रही लूट की वारदात, सबसे ज्यादा वाहनों को बनाया शिकार

Smart News Team, Last updated: Sat, 19th Jun 2021, 12:40 PM IST
  • पटना के अपराधों का विश्लेषण करने पर पता चला कि संगीन मामलों में शामिल पूरे गिरोह को जेल भेजने के बाद भी लूट के आंकडे कम नहीं हो रहे है. पुलिस के लिए सबसे ज्यादा ऐसे अपराधी चिंता का विषय बने है जो रोड पर लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते है.
पटना में वाहन लूट और रोड लूट के मामले सबसे अधिक (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना. पटना में संगीन मामलों में शामिल गिरोह का खुलासा करके उन्हें जेल भेजने के बावजूद लूट के आंकड़ों में कमी नहीं आ रही है. मई 2020 से मई 2021 के बीच राजधानी पटना में कुल 142 मामले लूट के दर्ज किए गए. जिनमें 61 वाहन लूट, 55 रोड लूट, एक घर की लूट, तीन ज्वेलरी लूट और फाइनेंस कंपनी के कर्मी से दो लूट की घटनाएं शामिल हैं. इस दौरान एक भी दुकान लूट नहीं हुई. पुलिस की सक्रियता के कारण दुकानों में लूट के आंकड़ों में कमी आई है. लेकिन रोड पर लूटपाट की घटना को अंजाम देकर फरार होने वाले अपराधी पुलिस के लिए चिंता का कारण बने हुए है.

पटना में पिछले साल लॉकडाउन के कारण मई में केवल तीन लूट की घटनाएं सामने आई. जिनमें सिर्फ तीन वाहन की लूट हुई और अन्य लूट का आंकड़ा शून्य रहा. वहीं इस साल मई में दस लूट के मामले सामने है. जिनमें एक घर की लूट, तीन चेन स्नेचिंग, एक रोड लूट, तीन वाहन लूट और दो अन्य लूट शामिल है. इस दौरान कोई भी बड़ी लूट या बैंक डकेटी की घटना सामने नहीं आई है. इसकी वजह यह है कि ऐसी बड़ी लूट की घटना को अंजाम देने में पूरा गिरोह शामिल होता है. लेकिन पटना में जगह-जगह पुलिस की तैनाती, कैमरे से निगरानी और लोगों की अधिक आबादी है.

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पटना में अपराधी बड़ी लूट की बजाय ऐसे लोगों को अपना शिकार बना रहे है जिनसे लूट में उन्हें कुछ न कुछ रकम भी मिल जाए और पुलिस से भी बच जाए. ऐसे में ये लोग सबसे अधिक रोड लूट को अंजाम देते है. इसके बाद वाहन लूट की वारदात सबसे अधिक होती है. पिछले साल मई से इस साल मई तक डकैती की कुल 21 प्राथमिकी दर्ज हुई. जिसमें पिछले साल जून के महीने में सिर्फ एक बार बैंक डकैती हुई. इसके अलावा पांच घर डकैती के मामले सामने आए. लेकिन सबसे अधिक वाहन डकैती को अंजाम दिया गया.

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