Corona Virus: सर्वे में खुलासा- कोविशील्ड लेने वालों के लिए बूस्टर जरूरी नहीं

ABHINAV AZAD, Last updated: Tue, 16th Nov 2021, 1:53 PM IST
  • SERO के सर्वे में पता चला है कि कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड की पहली और दूसरी डोज के बीच जिन्होंने 12 हफ्तों का अंतर रखा था, उनमें बेहतर इम्यून सिस्टम तैयार हुआ है. अब ऐसे लोगों को तुरंत बूस्टर डोज की जरूरत नहीं है.
(प्रतीकात्मक फोटो)

पटना. कोरोना वैक्सीन लेने वालों पर सीरो ने सर्वे किया है. इस सर्वे में पता चला है कि कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड की पहली और दूसरी डोज के बीच जिन्होंने 12 हफ्तों का अंतर रखा था, उनमें बेहतर इम्यून सिस्टम तैयार हुआ है. दरअसल, ऐसे लोगों को अब तुरंत बूस्टर डोज की जरूरत नहीं है. साथ विशेषज्ञों ने डोज के बीच अंतर को कम करने की संभावना से इनकार किया है. इसके अलावा रिपोर्ट को विचार के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जाएगा.

गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज के बीच के अंतर को दो बार बदला जा चुका है. पिछले 22 मार्च को 4-6 हफ्ते से बढ़ाकर 6-8 हफ्ता कर दिया गया. उसके बाद फिर 13 मई को 12-16 हफ्ते कर दिया गया. इस बीच सरकार के राष्ट्रीय कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण अभियान के तहत जायडस कैडिला का कोरोना टीका 'जायकोव-डी' अभी महज व्यस्क लोगों को ही लगाया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्रालय इस स्वदेश विकसित सुई रहित टीके को राष्ट्रीय कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान में शामिल करने की मंजूरी दे चुका है. साथ ही मंत्रालय ने अभियान के लिए टीके तैयार करने को भी कहा है.

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भारत में औषधि नियामक 12 वर्ष और इससे अधिक आयु के लोगों को यह टीका लगाने की मंजूरी दे चुका है. मंत्रालय इस टीके की एक करोड़ खुराक के लिए पहले ही ऑर्डर दे चुका है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया का कहना है कि सरकार बच्चों को टीका लगाने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती. बच्चों का टीकाकरण शुरू होने के संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा था कि दुनिया में कहीं भी बच्चों को बड़े पैमाने पर कोरोना रोधी टीका नहीं लगाया जा रहा है. हालांकि कुछ देशों में बच्चों का सीमित टीकाकरण शुरू किया गया है.

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