बिहार :कोरोना से 600 टीचरों की मौत, दाने-दाने को तरसे कई परिवार, मुआवजे की मांग

Smart News Team, Last updated: Wed, 19th May 2021, 4:36 PM IST
  • पटना के कई जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अभी तक छह सौ से अधिक शिक्षक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, कई शिक्षक अब भी संक्रमण के चलते गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. ज्यादातर शिक्षकों के परिवारों की आर्थिक तंगी के चलते हालात बहुत बुरे हैं.
पटना में शिक्षकों की मौत  (प्रतीकात्मक फोटो)

पटना। उत्तर प्रदेश में कोरोना के कहर के चलते कई लोगों की जान चली गई. चुनाव के बाद से तो कोरोना के कारण किसी न किसी शिक्षक की मौत हो रही है. अबतक केवल पटना जिले में ही 35 शिक्षकों की मौत हो चुकी है. राज्य के सभी 38 जिलों की स्थिति भी एक जैसी है. पटना के कई जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अभी तक छह सौ से अधिक शिक्षक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, कई शिक्षक अब भी संक्रमण के चलते गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. ज्यादातर शिक्षकों के परिवारों की आर्थिक तंगी के चलते हालात बहुत बुरे हैं. उनके पास अपनों के इलाज के लिए पैसे तक नहीं हैं.

मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय चरिहानी गौनाहा पश्चिम चंपारण के शिक्षक मृत्युंजय पांडेय की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गयी है. उनकी पत्नी पूनम देवी ने बताया कि वह अपने पति का जमीन गिरवी रख कर इलाज करवा रहीं थी. वहीं दूसरी तरफ एक अन्य शिक्षक उत्क्रमित मध्य विद्यालय बुढ़नीचक बाढ़ में सहायक शिक्षक रहे राजकुमार राय की 21 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई. उनकी पत्नी शारदा ने बताया कि उनके पति 15 दिन तक हॉस्पिटल में भर्ती रहे थे जिस दौरान अस्पताल का खर्च 80 हजार रुपए तक हुआ. उन्होंने अपने पति के इलाज के लिए शादी का जेवर गिरवी रखा हुआ था लेकिन वह फिर भी नहीं बच सके.

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अन्य मामले में 36 वर्षीय संतोष कुमार का 2014 में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर बिंद नालंदा में नियोजन हुआ था. कोरोना संक्रमण के चलते 9 मई को संतोष कुमार की मौत हो गयी, जिसके कारण उनके परिवार की हालत बहुत खराब है. उनका चार साल का बेटा और दो साल की बेटी है. पिछले साल ही संतोष कुमार के पिता और माता दोनों की मृत्यु हो गयी थी. उनकी पत्नी नीरू ने बताया कि वह लोग नालंदा में किराये के मकान में रहते हैं.

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इसके अलावा 31 वर्षीय कमला सिन्हा का मध्य विद्यालय देवमाहा धनरूआ में सहायक शिक्षक के पद पर 2014 में नियोजन हुआ था, जिनकी 24 अप्रैल को कोरोना के चलते मौत हो गयी. उनके दो छोटे छोटे बच्चे हैं. उन्ही आर्थिक स्थिति पहले से ही काफी कमजोर थी. उनकी पत्नी ने बताया कि वह छह महीने से उधार पर राशन पानी खरीद रहे हैं.

शिक्षकों की मौत के मामले में शिक्षक संघ विशेष अनुदान देने की मांग कर रहे हैं. टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा कि जिन शिक्षकों की जान कोरोना संक्रमण से जा रही है, उनके परिजन को ईपीएफ एवं आपदा राहत के तहत चार लाख की विशेष अनुग्रह राशि दी जाय, जिससे उन परिवार का भरण पोषण हो सके.

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वहीं, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष केदारनाथ पांडेय ने भी दिवंगत शिक्षकों को विशेष अनुग्रह राशि देने की मांग की है. पटना के डीईओ नीरज कुमार ने कहा कि पटना जिले में अब तक 35 से अधिक शिक्षकों की मौत कोरोना से हो चुकी है. शिक्षा विभाग को सभी दिवंगत शिक्षकों की सूची उनके पदनाम के साथ भेज दी गयी है. आए दिन किसी ना किसी शिक्षक की मौत हो रही है.

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