कोरोना काल में नहीं लगेगा विश्व प्रसिद्ध सोनपुर हरिहर क्षेत्र मेला

Smart News Team, Last updated: Thu, 19th Nov 2020, 6:05 PM IST
  • बिहार के हरिहर के सोनपुर का मेला इस साल कोरोना संक्रमण के चलते नहीं लगाया जाएगा, इसकी सुचना बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजश्व मंत्री रामसूरत राय ने दी, साथ ही उन्होंने ने श्रावणी मेला व गया का पितृपक्ष मेले के आयोजन नहीं किए जाने की जानकारी दी
कोरोना महामारी के कारण हरिहर के सोनपुर मेले का आयोजन नहीं

पटना में हरियर क्षेत्र में में लगने वाला विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले को कोरोना महामारी के चलते इस बार नहीं लगाने का फैसला किया गया है. जिसकी जानकारी बिहार में बनी नई सरकार में भूमि सुधार एवं राजश्व मंत्री रामसूरत राय ने दिया. उन्हीने ने बताया कि कोरोना को लेकर श्रावणी मेला व गया का पितृपक्ष मेला का आयोजन इस वर्ष नही किया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि हरिहर क्षेत्र का सोनपुर मेला भी नहीं लगाया जाएगा. उन्होंने आगे बताया कि इस बार के मेलो का आयोजन नहीं किया जाएगा. लेकिन इसकी भरपाई अगले साल बड़े धूमधाम के साथ मेले का आयोजन कर पूर्ति की जाएगी.

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हरियर क्षेत्र का सोनपुर मेला विश्व  भर में प्रसिद्ध है. इस मेले को लेकर कई पौराणिक मान्यता है. इसमें एक मान्यता यह भी है कि यहां पास में स्थित कोनहारा घाट के गंडक नदी में एक हाथी को एक मगरमच्छ ने पकड़ लिया था. हाथी और मगरमच्छ के बीच काफी देर तक युद्ध चला था. हाथी ने भगवान विष्णु को स्मरण किया. तब भगवान ने प्रकट होकर हाथी की रक्षा की थी. यहां पर बाबा हरिहरनाथ का मंदिर है इसके अलावा यहां पर भगवान विष्णु और भगवान शिव का भी मंदिर है. जिसके चलते क्षेत्र का नाम हरिहर पड़ा.

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आपको बता दें कि सोनपुर के मेले में विश्व का सबसे बड़ा पशु मेला लगता है. इस मेले का अपना ही एक गौरवशाली इतिहास है. जहां पर पौराणिकता और लोकसंस्कृति की झलक व धार्मिक पहलु जोड़कर एक अनोखा मेला दिखाई देता है. इस मेले का आरंभ कब हुआ यह क्या कहना तो काफी मुश्किल है. लेकिन इस मेले के बारे में ऐसा कहा जाता है कि मौर्य काल से लेकर अंग्रेजों के शासन काल तक में राजा महाराजा यहां पर हाथी-घोड़े खरीदने आया करते थे. साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालु मोक्ष की कामना करते हुए पवित्र गंगा और गंडक नदी में स्नान करने भी आते हैं.

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