मंत्री मेवालाल चौधरी आरोपी पाए गए थे, लेकिन जांच के कारण नहीं हुई चार्जशीट- SSP

Smart News Team, Last updated: 18/11/2020 01:51 PM IST
  • एसएसपी ने कहा है कि उन पर लगे आरोप सही पाए गए है. मामला 2012-13 का बताया जा रहा है जब मेवालाल बिहार कृषि विश्वविद्यालय में वीसी पद पर थे और उनके पद पर रहते हुए लगभग 160 सहायक प्राध्यापक व वैज्ञानिकों की नियुक्ति में अनियमितता बरती गई थी.
बिहार कृषि विश्वविद्यालय पूर्व वीसी और बिहार शिक्षा मंत्री मेवा सिंह चौधरी.(फाइल फोटो,

पटना. बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद मंत्री बनाए गए मेवालाल चौधरी लगातार विवादों में चल रहे हैं. लगातार विपक्ष उनको मंत्री बनाए जाने पर हमले कर रहा है. इस बीच एसएसपी ने कहा है कि उन पर लगे आरोप सही पाए गए है. मामला 2012-13 का बताया जा रहा है जब मेवालाल बिहार कृषि विश्वविद्यालय में वीसी पद पर थे और उनके पद पर रहते हुए लगभग 160 सहायक प्राध्यापक व वैज्ञानिकों की नियुक्ति में अनियमितता बरती गई थी.

मामले पर बात करते हुए एसएसपी आशीष कुमार ने कहा है कि बीएयू में वर्ष 2012-13 के दौरान हुई नियुक्ति में हुई अनियमितता की जांच में तत्कालीन कुलपति पर लगे आरोप सही पाये गये थे. उन्होंने कोर्ट से बेल ले लिया है. कुछ बिंदुओं पर अभी भी जांच की जा रही है. इसलिए अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है.

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू)  नियुक्ति घोटाले में तत्कालीन वीसी और वर्तमान में मंत्री बनाये गये मेवालाल चौधरी पर लगे आरोप सही पाये गये थे. राजभवन द्वारा नियुक्ति में हुई अनियमितता की जांच का निर्देश दिये जाने के बाद हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस ने इसकी जांच की थी.

मामले को प्रमुखता से उठाते हुए कहा आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव ने कहा है कि भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में भगौडे आरोपी को शिक्षा मंत्री बना दिया. अल्पसंख्यक समुदायों में से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया. सत्ता संरक्षित अपराधियों की मौज है. रिकॉर्डतोड़ अपराध की बहार है. कुर्सी ख़ातिर Crime, Corruption और Communalism पर मुख्यमंत्री जी प्रवचन जारी रखेंगे. विपक्ष के आरोपों के बाद एसएसपी ने चार्जशीट न होने की वजह को साफ किया है.

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